भारत की तैयारियों को मजबूत करने के लिए पश्चिम एशिया में संघर्ष का अध्ययन करें अधिकारी : राजनाथ

भारत की तैयारियों को मजबूत करने के लिए पश्चिम एशिया में संघर्ष का अध्ययन करें अधिकारी : राजनाथ

भारत की तैयारियों को मजबूत करने के लिए पश्चिम एशिया में संघर्ष का अध्ययन करें अधिकारी : राजनाथ
Modified Date: March 24, 2026 / 10:41 pm IST
Published Date: March 24, 2026 10:41 pm IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को सैन्य नेतृत्व को पश्चिम एशिया संघर्ष का व्यापक अध्ययन करने का निर्देश दिया ताकि भारत की सैन्य तैयारियों को मजबूत किया जा सके और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित किया जा सके।

सिंह और शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने रक्षा उपकरणों की खरीद और उत्पादन के लिए आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के संदर्भ में पश्चिम एशिया संघर्ष और भारत पर इसके संभावित प्रभाव पर विचार-विमर्श किया।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, रक्षा मंत्री को वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, जारी संघर्षों के संभावित रूप से बढ़ने के भारत पर प्रभाव, साथ ही वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति से उत्पन्न चुनौतियों और अवसरों के बारे में जानकारी दी गई।

इसमें यह भी बताया गया कि मौजूदा उपकरणों के रखरखाव और सेवाक्षमता सहित रक्षा उपकरणों की खरीद और उत्पादन के लिए आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पर स्थिति के प्रभाव का भी विश्लेषण किया गया।

रक्षा मंत्रालय ने विज्ञप्ति में कहा कि सिंह ने निर्देश दिया कि भारत की तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए जारी संघर्ष से प्राप्त परिचालन और तकनीकी सबक का निरंतर अध्ययन किया जाना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने बैठक में कहा, ‘‘हमें अगले दशक के लिए एक व्यापक एकीकृत प्रारूप तैयार करने की आवश्यकता है, जिसमें सीखे गए सबक, आगे आने वाली चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए सभी मोर्चों पर आत्मनिर्भरता और परिचालन तत्परता सुनिश्चित की जाए।”

बैठक में प्रमुख रक्षाध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव आर के सिंह और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

भाषा संतोष रंजन

रंजन


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