हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही अपराह्न दो बजकर 45 मिनट तक स्थगित

Ads

हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही अपराह्न दो बजकर 45 मिनट तक स्थगित

  •  
  • Publish Date - August 6, 2026 / 02:41 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 02:41 PM IST

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण बृहस्पतिवार को राज्यसभा की बैठक दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बज कर 45 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी गई।

दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बज कर 15 मिनट पर बैठक पुन: शुरू होने पर सदन में विपक्षी सदस्यों ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग दोहराई। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसका विरोध किया।

उपसभापति हरिवंश ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि एक महत्वपूर्ण विधेयक को लिया जाना है इसलिए सदन में व्यवस्था बनाए रखें। लेकिन हंगामा जारी रहने के कारण उन्होंने एक मिनट के अंदर ही बैठक को दोपहर दो बजकर 45 मिनट तक स्थगित कर दिया।

इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे सूचीबद्ध दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के तुरंत बाद सभापति सी पी राधाकृष्णन ने शून्यकाल की कार्यवाही शुरू कराई।

इसी बीच कांग्रेस तथा कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ सदस्य अपने स्थानों से आगे आ गए थे।

सभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कई बार उनकी सीटों पर लौटने का आग्रह किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने भी विपक्ष के लगातार विरोध-प्रदर्शन पर आपत्ति जताई। रीजीजू ने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष हर दिन कुछ लिख कर लाते हैं और सदन में उसे पढ़ते हैं।

कांग्रेस सदस्यों ने मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति देने की मांग की।

जब सभापति ने खरगे को बोलने की अनुमति दी तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 11 बजकर 25 मिनट पर दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी।

दोपहर बारह बजे बैठक शुरू होने पर सभापति राधाकृष्णन ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी बीच विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति देने की मांग भी की।

सभापति ने कहा कि विपक्षी सदस्य शांत रहेंगे तो वह पूरक प्रश्नों के बाद नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने की अनुमति देंगे। सदस्यों के शांत होने के बाद सभापति ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से अपनी बात रखने के लिए कहा।

सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विपक्ष अपने इस आग्रह पर कायम रहा कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर वक्तव्य दें।

खरगे से संसदीय कार्य मंत्री रीजीजू की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि सदन में अपनी बात रखना उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि कब बोलना है और क्या बोलना है, यह तय करना उनका अपना अधिकार है और इसके बारे में उन्हें अब क्या संसदीय कार्य मंत्री से पूछना होगा?

खरगे ने आसन से कहा कि गृह मंत्री को सदन में आने और स्पष्टीकरण देने के लिए कहा जाए। उन्होंने कहा, ‘‘हम चर्चा चाहते हैं।’’

सभापति ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू से गृह मंत्री को विपक्ष की भावनाओं से अवगत कराने को कहा।

हंगामे के बीच सभापति ने प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया लेकिन शोरगुल के कारण उन्होंने 12 बज कर 30 मिनट सदन की कार्यवाही दोपहर 2.15 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों पर गतिरोध बने होने के कारण उच्च सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है।

भाषा मनीषा माधव

माधव