( तस्वीरों सहित )
नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद ही नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा करने की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों और इसका विरोध कर रहे सत्ता पक्ष के सदस्यों के हंगामे के कारण शुक्रवार को राज्यसभा की बैठक दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
हंगामे की वजह से आज भी उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया।
दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे बैठक शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद ही नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले पर चर्चा करने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उप सभापति हरिवंश ने कहा कि राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन अधिनियम) विधेयक 2026 को पेश किया जाना है जो आज के कामकाज की सूची में सूचीबद्ध है।
विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को वही वैधानिक संरक्षण प्रदान करना है, जो वर्तमान में राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ को प्राप्त है।
हंगामे के बीच उन्होंने कहा कि चार दिन बीत चुके हैं और अभी तक कोई विधायी कामकाज नहीं हो पाया है। उन्होंने गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन अधिनियम) विधेयक 2026 पेश करने को कहा। राय ने सदन में चर्चा करने और पारित करने के लिए यह विधेयक पेश किया।
विपक्षी सदस्यों, विशेषकर वाम दलों के सदस्यों ने विधेयक पेश किए जाने का विरोध किया। हालांकि, ध्वनिमत से इस विधेयक को सदन में पेश कर दिया गया।
इसके बाद उपसभापति ने विधेयक पर चर्चा शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
उच्च सदन की बैठक अब सोमवार को सुबह 11 बजे होगी।
इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरु होने पर सभापति राधाकृष्णन ने 26 जुलाई को मनाए जाने वाले कारगिल विजय दिवस का उल्लेख किया। उन्होंने सैन्य बलों के साहस और शौर्य की सराहना करते हुए कहा कि उनकी निगरानी में सीमाएं सुरक्षित हैं। इसके बाद उन्होंने तथा सदस्यों ने कारगिल संघर्ष में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैन्य बलों के कर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए कुछ पल का मौन रखा।
कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है, लेकिन इस बार 26 जुलाई को रविवार होने के कारण अवकाश होगा और संसद की बैठक नहीं होगी। इसलिए आज शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद सभापति ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और प्रश्नकाल शुरू करना चाहा। इसी बीच विपक्षी सदस्यों ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया।
सभापति राधाकृष्णन ने सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति दी। खरगे ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का जिक्र किया। उनकी बात पूरी भी नहीं हो पाई थी कि सत्ता पक्ष के सदस्य विरोध जताने लगे।
सभापति ने हंगामे के कारण बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी और उच्च सदन में आज भी शून्यकाल नहीं हो पाया।
एक बार के स्थगन के बाद दोपहर बारह बजे बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने के लिए कहा। खरगे ने कहा कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और प्रधानमंत्री को स्थिति स्पष्ट करते हुए बयान देना चाहिए।
खरगे अपनी बात पूरी नहीं कर पाए थे कि सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। इस बीच विपक्ष के सदस्यों ने भी हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी।
सदन में अव्यवस्था देख राधाकृष्णन ने बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर विपक्ष के विरोध और बार-बार के हंगामे एवं स्थगन के कारण मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार से अब तक राज्यसभा में शून्यकाल, प्रश्नकाल और कोई महत्वपूर्ण विधायी कामकाज नहीं हो पाया है। आंदोलनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की विपक्ष की मांग को लेकर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है।
भाषा
मनीषा वैभव
वैभव