राज्यसभा में उठी लाभकारी मार्गों पर उड़ान बंद करने वाली एयरलाइनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

राज्यसभा में उठी लाभकारी मार्गों पर उड़ान बंद करने वाली एयरलाइनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

राज्यसभा में उठी लाभकारी मार्गों पर उड़ान बंद करने वाली एयरलाइनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
Modified Date: February 6, 2026 / 01:19 pm IST
Published Date: February 6, 2026 1:19 pm IST

नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) राज्यसभा में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के एक सदस्य ने बेलगावी हवाई अड्डे से कम उड़ान संचालित होने का मुद्दा उठाते हुए एयरलाइनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने यात्रियों की मांग के बावजूद सेवाएं बंद कर दी हैं।

भाजपा सदस्य इरण्ण कराडी ने उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा उड़ान-3 योजना के तहत बेलगावी को पांच एयरलाइनों के माध्यम से 13 शहरों से जोड़ने का लक्ष्य था, लेकिन अब केवल दो एयरलाइनों द्वारा पांच शहरों से ही संपर्क है।

उन्होंने कहा, ‘‘एयरलाइन केवल तब सेवाएं देती हैं जब उन्हें सरकार से वित्तीय सहायता या सब्सिडी मिलती है। जैसे ही सब्सिडी समाप्त होती है, वे उड़ानें रोक देती हैं।’’

कराडी ने यह भी कहा कि उड़ान-3 योजना समाप्त होने के बावजूद यात्रियों की संख्या कम नहीं हुई है। हवाई अड्डे पर 2024-25 में 3,40,300 यात्रियों का आवागमन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में नौ प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने केहा कि जब उड़ानें 90 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर चल रही थीं और बिना सब्सिडी के भी लाभ दे रही थीं, तो एयरलाइनों द्वारा सेवाओं को बंद करना गलत है।

उन्होंने कहा कि 1942 में रॉयल एयर फोर्स द्वारा निर्मित बेलगावी हवाई अड्डा कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा की सीमा से सटे, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र की सेवा करता है।

कराडी ने कहा कि यह शहर प्रमुख रक्षा प्रतिष्ठानों जैसे मराठा लाइट इन्फैंट्री, आईटीबीपी, कमांडो ट्रेनिंग सेंटर और वायु सेना इकाइयों का केंद्र होने के साथ ही एक शैक्षिक, चिकित्सा और औद्योगिक केंद्र भी है।

केंद्र सरकार वर्तमान में हवाई अड्डे का विस्तार कर रही है, जिसमें 262.64 करोड़ रुपये की नयी टर्मिनल इमारत और 25.98 करोड़ रुपये का एक अन्य ढांचा ‘एप्रोन’ शामिल है।

कराडी ने सरकार से मुंबई, पुणे, चेन्नई, इंदौर और जयपुर से उड़ानों को बहाल करने का अनुरोध किया, ताकि सुरक्षा कर्मियों और आम जनता की सुविधा बनी रहे।

भाषा मनीषा माधव

माधव


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