तेलंगाना व आंध्र की 32 जातियों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग की गई राज्यसभा में

तेलंगाना व आंध्र की 32 जातियों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग की गई राज्यसभा में

तेलंगाना व आंध्र की 32 जातियों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग की गई राज्यसभा में
Modified Date: March 16, 2026 / 02:08 pm IST
Published Date: March 16, 2026 2:08 pm IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य के लक्ष्मण ने सोमवार को केंद्र सरकार से तेलंगाना की 27 और आंध्र प्रदेश की पांच जातियों को केंद्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल करने की मांग की, ताकि इन समुदायों को केंद्र सरकार की नौकरियों, नियुक्तियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ मिल सके।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए लक्ष्मण ने कहा कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के कई ओबीसी समुदायों को केंद्रीय सूची में शामिल करने की मांग लंबे समय से की जा रही है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) पहले ही तेलंगाना की 27 और आंध्र प्रदेश की पांच जातियों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की सिफारिश कर चुका है।

लक्ष्मण ने कहा, “ये समुदाय सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा होने के बावजूद केंद्र सरकार की नौकरियों और केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों के लिए ओबीसी के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं हैं, जबकि ये अपने-अपने राज्यों में ओबीसी सूची में शामिल हैं।”

उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर इन समुदायों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है, लेकिन केंद्र द्वारा हाल में शिक्षा क्षेत्र में पहली बार लागू किए गए 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का लाभ इन्हें नहीं मिल पा रहा है।

लक्ष्मण ने सरकार से आग्रह किया कि वह एनसीबीसी की लंबित सिफारिशों पर जल्द निर्णय ले और इन समुदायों को सार्वजनिक नियुक्तियों, रोजगार और केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ प्रदान करे।

उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि मोदी सरकार इस मुद्दे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और संविधान की भावना के अनुरूप इन योग्य समुदायों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।”

भाजपा की ही साधना सिंह ने चंदौली जिले में एकलव्य आवासीय आदिवासी विद्यालय स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चंदौली में जनजाति समुदायों के सदस्यों की संख्या हजारों में हैं। ज्यादातर परिवार पहाड़ी इलाकों में रहते हैं।

उन्होंने कहा कि इन जनजातीय परिवारों के बच्चों के लिए एक भी एकलव्य आवासीय विद्यालय नहीं है। ‘‘उनके बच्चों को पढ़ाई के लिए अन्यत्र जाना पड़ता है। इससे उन पर आर्थिक बोझ भी पड़ता है। अगर चंदौली में एकलव्य आवासीय आदिवासी विद्यालय की स्थापना की जाए तो जनजातीय परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था होने के साथ-साथ उनके विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।’’

भाजपा की ही रेखा शर्मा ने पंजाब के युवाओं में मादक पदार्थों की बढ़ती लत का मुद्दा उठाया और सरकार से इस संबंध में कठोर कदम उठाने की मांग की।

जब रेखा ने यह मुद्दा उठाया तो सदन में मौजूद आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने विरोध जताया।

बीजू जनता दल के निरंजन बिशी ने ओडिशा के बोलांगीर जिले में सैनिक स्कूल स्थापित करने की मांग की।

भाषा

मनीषा अविनाश

अविनाश


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