राज्यसभा : गोवा के सांसद ने पर्यटन संबंधी ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई

राज्यसभा : गोवा के सांसद ने पर्यटन संबंधी ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई

राज्यसभा : गोवा के सांसद ने पर्यटन संबंधी ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई
Modified Date: February 6, 2026 / 01:00 pm IST
Published Date: February 6, 2026 1:00 pm IST

नई दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) गोवा के भाजपा सांसद सदानंद शेट तानावड़े ने शुक्रवार को राज्य में पर्यटन को निशाना बनाने वाले ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर राज्यसभा में चिंता व्यक्त की और सरकार से फर्जी होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी के खिलाफ कड़े कदम उठाने का आग्रह किया।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए तानावड़े ने कहा कि गोवा एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है और वहां विकास के साथ साइबर अपराधों में भी तेज़ वृद्धि हुई है।

भाजपा सदस्य ने कहा, ‘‘पर्यटन से राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिला है, लेकिन इसके साथ ही होटल और आवास बुकिंग और डिजिटल भुगतान से जुड़ी ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में भी भारी वृद्धि हुई है।’’

तानावड़े ने कुछ मामलों का जिक्र कर बताया कि कैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी होटल, हॉलिडे होम और होमस्टे सूचीबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि धोखेबाज नकली वेबसाइट बनाकर प्रसिद्ध होटल या बुकिंग पोर्टल की नकल करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पर्यटक इस धोखे का शिकार होते हैं और गोवा पहुंचने पर पता चलता है कि कोई बुकिंग नहीं है, या होटल ही मौजूद नहीं है। इससे न केवल छुट्टियों की योजना बिगड़ती है बल्कि बड़ी अग्रिम राशि देने के कारण आर्थिक नुकसान भी होता है।’’

उन्होंने कहा कि नियमित परामर्श जारी होने के बावजूद, धोखेबाज नकली वेबसाइट, वर्चुअल मोबाइल नंबर, अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट कॉल और अनाम डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर अपनी जालसाजी जारी रखे हुए हैं।

तानावड़े ने जोर देकर कहा, ‘‘सिर्फ परामर्श पर्याप्त नहीं हैं। संगठित गिरोहों के खिलाफ कड़े उपाय करने की तुरंत आवश्यकता है।’’

उन्होंने सभी पर्यटन-संबंधित वेबसाइटों के लिए केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) सत्यापन को अनिवार्य करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सत्यापित प्रमाणपत्र के बिना चल रही वेबसाइटों की पहचान कर उन्हें तुरंत ब्लॉक करना चाहिए और उन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।

तानावड़े ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इससे पर्यटकों की सुरक्षा प्रभावित होती है और सैकड़ों करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान होता है, साथ ही गोवा की सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में छवि भी प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज के डिजिटल युग में, पर्यटकों की ऑनलाइन सुरक्षा उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी उनकी भौतिक सुरक्षा। भारत की पर्यटन अर्थव्यवस्था और वैश्विक छवि की रक्षा के लिए डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।’’

तानावड़े ने सरकार से कड़े नियम लागू करने, वास्तविक समय में निगरानी और फर्जी वेबसाइटों को तुरंत हटाने का आग्रह किया।

भाषा

मनीषा माधव

माधव


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