राज्यसभा : जयशंकर के बयान के दौरान विपक्ष के बहिर्गमन पर नड्डा ने कसा तंज

राज्यसभा : जयशंकर के बयान के दौरान विपक्ष के बहिर्गमन पर नड्डा ने कसा तंज

राज्यसभा : जयशंकर के बयान के दौरान विपक्ष के बहिर्गमन पर नड्डा ने कसा तंज
Modified Date: March 9, 2026 / 01:09 pm IST
Published Date: March 9, 2026 1:09 pm IST

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) राज्यसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों के पश्चिम एशिया की स्थिति पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान के दौरान हंगामा करने और सदन से बहिर्गमन किए जाने को लेकर केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को आरोप लगाया कि विपक्ष केवल ‘‘अराजकता’’ फैलाना चाहता है।

उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर तीन पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई और फिर आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए गए। इसके बाद राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने जयशंकर को ‘‘पश्चिम एशिया में हालात’’ पर बयान देने के लिए आमंत्रित किया।

इसी बीच, कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी बात रखने की अनुमति मांगी। आसन से अनुमति मिलने पर खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहे संघर्ष में वृद्धि से देश की आर्थिक स्थिरता प्रभावित होगी और वहां कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एवं आजीविका के लिए खतरा पैदा करेगी।

खरगे ने कहा, ‘‘मैं ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रही भू-राजनीतिक स्थिति के प्रभाव पर एक संक्षिप्त चर्चा का अनुरोध करता हूँ।’’

उन्होंने कहा ‘‘पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रही राजनीतिक स्थिति अब वहीं तक सीमित नहीं है। इसका असर भारत की ऊर्जा स्थिति पर और उसकी साख पर पड़ रहा है। भारत अपनी कुल जरूरत का 55 फीसदी तेल आयात करता है। निश्चित रूप से पश्चिम एशिया के हालात से हमारी अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी।

खरगे ने कहा कि ईरान तथा खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ से अधिक भारतीय काम करते हैं तथा हाल की घटनाओं में कुछ भारतीय नागरिक भी मारे गए हैं।

सभापति ने खरगे से कहा कि वह बाद में उनकी बात रखने की अनुमति देंगे। उन्होंने जयशंकर को बयान देने के लिए कहा।

जयशंकर के बयान शुरू करने पर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद खरगे को अपनी बात रखने देने और संक्षिप्त चर्चा की अनुमति देने की मांग करते रहे। आसन की ओर से अनुमति न दिए जाने पर विपक्ष के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।

जयशंकर ने अपना बयान दिया। इसके बाद सदन के नेता जे पी नड्डा ने विपक्ष के व्यवहार को गैरजिम्मेदाराना करार दिया और कहा कि उनका उद्देश्य केवल अराजकता फैलाना है।

नड्डा ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों की देश के विकास में कोई दिलचस्पी नहीं है और वे विभिन्न मुद्दों पर बहस और चर्चा की मांग करते हैं लेकिन बहस या चर्चा का जब मंत्री जवाब देते हैं तो विपक्षी दल उनका बहिष्कार करते हैं।

भाषा

मनीषा माधव

माधव


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