Ram Mandir Chanda Chori Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, अदालत के निर्देश पर गठित की गई SIT, इस दिग्गज को शामिल करने का निर्देश

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Ram Mandir Chanda Chori Case: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावा चोरी के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 05:51 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 06:00 PM IST

Ram Mandir Chanda Chori Case/Image Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • राम मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावा चोरी के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
  • CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच के सामने सरकार ने अपना पक्ष रखा।
  • SG तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि मामले की पारदर्शी जांच के लिए दोबारा SIT बना दी गई है।

Ram Mandir Chanda Chori Case: नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावा चोरी के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच के सामने उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना पक्ष रखा। प्रदेश सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि मामले की पारदर्शी जांच के लिए दोबारा SIT बना दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट के पिछले निर्देशों का पालन करते हुए इस नई एसआईटी की कमान वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के मुताबिक लखनऊ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस को इस एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है। इस तीन सदस्यीय एसआईटी में आईजी किरण एस के अलावा दो और सीनियर आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें अयोध्या रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) सोमेन बर्मा और अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गौरव ग्रोवर शामिल हैं।

फाइनेंशियल ऑडिटर होगा SIT में शामिल

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुझाव दिया कि, वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के लिए टीम में किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी शामिल किया जाना चाहिए। (Ram Mandir Chanda Chori Case) अदालत के इस सुझाव पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सहमति जताई और अदालत को भरोसा दिलाया कि एसआईटी में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी शामिल किया जाएगा।

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ये कहा गया है कि राज्य ने SIT बनाने का आदेश जारी किया है। क्योंकि जांच में फंड की हेराफेरी शामिल है, इसलिए SG इस बात पर सहमत हो गया है कि फोरेंसिक ऑडिट के अनुभव वाले एक ऑडिटर को भी SIT के सदस्य के तौर पर जोड़ा जाएगा। हम SIT को चल रही जांच पर स्टेटस रिपोर्ट जमा करने का निर्देश देते हैं।’

कोर्ट की तरफ से कहा गया कि, इस समय अदालत का पूरा ध्यान राम मंदिर चंदा चोरी मामले की निष्पक्ष और गहरी जांच कराने पर हैं। अदालत ने कहा ‘हमें तेजी से, गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करनी चाहिए।’

याचिकाकर्ता ने की ये मांग

Ram Mandir Chanda Chori Case: सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से मांग रखी कि राम मंदिर ट्रस्ट को मिली सभी रसीदों को क्षेत्रवार वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाए, ताकि आम जनता को इसकी पूरी जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि ये कोई विरोधात्मक याचिका नहीं है बल्कि पारदर्शिता के लिए जरूरी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने कहा कि देश भर से लोगों ने सौ पांच सौ हजार रूपए देते हैं। उनका ब्यौरा भी ट्रस्ट की वेब साइट पर होना चाहिए।

इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिकाकर्ता के सुझाव का विरोध किया और कहा कि इस नाजुक मामले को बिना मतलब सनसनीखेज न बनाया जाए। सीजेआई ने कहा कि फोरेंसिक ऑडिटर भी समिति में होना चाहिए। हम चाहते हैं कि गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समय से जांच हो।

इस दिन होगी मामले की अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार द्वारा गठित की गई SIT में नियुक्त किए गए तीन आईपीएस अधिकारियों को रिकॉर्ड पर लिया। (Ram Mandir Chanda Chori Case) इसके साथ कोर्ट ने अपने अगले आदेश में कहा कि, अगली सुनवाई पर इस मामले में SIT अपनी जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी। इस मामले की सुनवाई अब 2 हफ्ते बाद होगी।

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