BRICS Summit 2026: पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता, यहां जानें किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

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BRICS Summit 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच द्विपक्षीय मीटिंग हुई है।

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 08:44 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 08:46 PM IST

BRICS Summit 2026/Image Credit: ANI X Handle

HIGHLIGHTS
  • ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने भारत आए हैं।
  • पीएम मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच द्विपक्षीय मीटिंग हुई है।
  • दोनों नेताओं के बीच यह मीटिंग ऐसे समय में हुई, जब पश्चिमी एशिया में तनाव बना हुआ है।

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में शामिल होने के लिए भारत दौरे पर आए हैं। वहीं आज पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच द्विपक्षीय मीटिंग हुई है। दोनों नेताओं के बीच यह मीटिंग ऐसे समय में हुई, जब पश्चिमी एशिया में तनाव बना हुआ है। इससे पहले पीएम मोदी ने ब्रिक्स के बिजनेस फोरम में भारत के नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है।

पीएम मोदी और मसूद पेजश्कियान के बीच द्विपसखीय वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया के हालात और दोनों देशों के बीच रिश्तों के मजबत करने के तरीकों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं की करीब दो हफ्ते में यह दूसरी मुलाकात है। राष्ट्रपति बनने के बाद पेजेश्कियन की पहली भारत यात्रा है।

ब्रिक्स बिजनेस फोरम लीडर्स सेशन में पेजेश्कियान क्या बोले?

पीएम मोदी के साथ बैठक से पहले ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अपने बयान में कहा कि, आज दुनिया अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है। जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और पॉलिटिक्ल प्रेशर बनाने के लिए आर्थिक साधनों का बढ़ता इस्तेमाल, इन सब ने उस आर्थिक माहौल को और जटिल बना दिया है। (BRICS Summit 2026) इसमें देश का करते हैं. सवाल यह है कि इन चुनौतियों पर ब्रिक्स का क्या जवाब है? हमारा मानना है कि ब्रिक्स की असली ताकत सिर्फ उसके सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था के आकार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तब और साफ तौर पर दिखती है, जब इन क्षमताओं को व्यापार, निवेश और जॉइ्ंट फाइनेंसिंग के नेटवर्क में बदला जाता है। यानी संभावित सहयोग से असल कामकाज वाले सहयोग की ओर बढ़ना है।

पीएम मोदी और पेजेश्कियान के बीच मीटिंग क्यों अहम ?

BRICS Summit 2026: पीएम नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की बैठक पश्चिम एशिया के तनाव, रणनीतिक कनेक्टिविटी और एनर्जी सिक्योरिटी के लिहाज से बेहद अहम है। ये बैठक ऐसे वक्त हुई है, जब मिडिल ईस्ट इजरायली और अमेरिका से संघर्ष के बीच जूझ रहा है। ईरान ने भारत से कूटनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर बातचीत के रास्ते खोलने की उमीद जताई है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नाकेबंदी के चलते भी प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा दोनों देश डॉलर पर निर्भरता कम कर आर्थिक सहयोग मजबूत करने पर भी जोर दे रहे हैं। भारत और ईरान के बीच चाबहार बंदरगाह, और क्षेत्रीय व्यापार से जुड़े रणनीतिक मुद्दे पर निरंतर सहयोग की आवश्यकता है।

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