चंडीगढ़, 26 अगस्त (भाषा) केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बुधवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की और कहा कि गुरुग्राम में भारी मानसूनी बारिश के दौरान जलभराव की “पुरानी” समस्या से निपटने के लिए “ठोस फैसले” लेने होंगे।
चंडीगढ़ में सैनी के आवास पर उनसे मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं से मुखातिब इंद्रजीत से गुरुग्राम में जलभराव की समस्या के बारे में पूछा गया।
इंद्रजीत गुरुग्राम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सदस्य हैं।
उन्होंने कहा, “गुरुग्राम के लिए जलजमाव एक स्थायी समस्या बन गया है। हर साल ऐसा होता है। मैं इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने आया था।”
इंद्रजीत के मुताबिक, उन्होंने जलभराव की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से कहा कि गुरुग्राम के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी कहा कि गुरुग्राम में जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए ठोस फैसले लेने होंगे।
इंद्रजीत ने कहा, “मुझे लगता है कि जब तक ठोस फैसले नहीं लिए जाते, तब तक यह समस्या हल नहीं हो सकती।”
उन्होंने पूछा, “गुरुग्राम में पिछले 20 वर्षों से पानी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसा क्यों है?”
इंद्रजीत ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि जो नाले और धाराएं पहाड़ियों से नीचे आकर ‘ड्रेन नंबर 8’ में पानी पहुंचाती थीं, उन पर समय के साथ कॉलोनियां और सड़कें बनती गईं, जबकि कई जगहों पर बिल्डरों ने कब्जा कर लिया है।
उन्होंने कहा, “आज के समय में, लोकतंत्र में हम इन चीजों को हटा नहीं सकते। इसलिए, मैंने आज मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि कम से कम इतनी राशि दी जाए, ताकि जिन जगहों पर बारहमासी नालों में रुकावट आ रही है, वहां उनके नीचे एक नाला बनाया जा सके और पुराने रास्तों को फिर से बहाल किया जा सके।”
इंद्रजीत ने कहा कि पानी ऐसी चीज है, जिसे अगर आप एक जगह रोकेंगे, तो वह दूसरी जगह से अपना रास्ता बना लेगी।
उन्होंने कहा, “इसीलिए मैं कह रहा हूं कि इस समस्या का समाधान टुकड़ों में किए गए उपायों से नहीं हो सकता, बल्कि ठोस फैसले लेने की जरूरत है।”
सोमवार को करीब एक घंटे तक हुई भारी बारिश के बाद गुरुग्राम के कई हिस्सों में जलभराव की सूचना मिली और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे सहित प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित हो गया।
भाषा पारुल संतोष
संतोष