बारीपदा (ओडिशा), आठ अगस्त (भाषा) ओडिशा में मयूरभंज जिले के सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान में एक दुर्लभ ‘मेलानिस्टिक’ बाघिन मृत पाई गई है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
‘मेलानिस्टिक’ बाघ के शरीर पर काली धारियां इतनी घनी होती हैं कि उसका रंग लगभग काला दिखाई देता है।
सिमिलिपाल बाघ अभ्यारण्य के क्षेत्र निदेशक प्रकाश चंद्र गोगिनेनी ने बताया कि सिमिलिपाल पहाड़ियों में एक उच्च ऊंचाई वाली घाटी के मुख्य क्षेत्र अपर बारहाकामुडा में देव नदी के पास एक पांच वर्षीय बाघिन का शव पाया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘छह अगस्त की शाम को बाघिन की मौत की सूचना मिलने पर हमने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया। उसकी मौत कुछ ही समय पहले हुई थी और उस पर बाहरी चोट के कोई निशान नहीं थे।’’
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के प्रोटोकॉल के तहत अगले दिन विस्तृत जांच की गई और शव का पोस्टमॉर्टम किया गया।
उन्होंने बताया कि ऊतक संबंधी जांच के लिए नमूने एकत्र कर भुवनेश्वर स्थित ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (ओयूएटी) की प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
गोगिनेनी ने कहा, ‘‘बाघिन की मौत का सटीक कारण अभी पता नहीं चल पाया है। हम प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। एनटीसीए के प्रोटोकॉल के तहत शव को जला दिया गया है।’’
काले या छद्म-मेलेनिस्टिक बाघ के शरीर पर गहरे रंग की विशिष्ट धारियां होती हैं। ये दुर्लभ बाघ सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाते हैं।
भाषा प्रचेता संतोष
संतोष