राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान मंगलवार से जनता के लिए खुलेगा

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राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान मंगलवार से जनता के लिए खुलेगा

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  • Publish Date - January 31, 2026 / 08:11 PM IST,
    Updated On - January 31, 2026 / 08:11 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान मंगलवार को आम जनता के लिए खुल जायेगा। यहां आने वाले पर्यटक ‘भीम’, ‘अर्जुन’ और ‘मदर टेरेसा’ समेत गुलाब की 145 किस्मों को देख सकते हैं।

उद्यान में प्रवेश निःशुल्क है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उप प्रेस सचिव नविका गुप्ता ने बताया कि अमृत उद्यान तीन फरवरी से 31 मार्च तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।

लोग सप्ताह में छह दिन पूर्वाह्न 10 बजे से शाम छह बजे तक उद्यान आ सकते हैं। सोमवार को उद्यान बंद रहेगा।

प्रवेश का अंतिम समय शाम पांच बजे होगा।

गुप्ता ने कहा कि ट्यूलिप और विभिन्न प्रकार के गुलाबों के अलावा, इस वर्ष आगंतुक ‘बबलिंग ब्रूक’ और बरगद के सुंदर उद्यान का भी आनंद ले सकेंगे।

उद्यान की देखरेख के प्रभारी अवनीश बंसवाल ने बताया कि इस वर्ष अमृत उद्यान के लिए 85 प्रजातियों के फूल चुने गए हैं।

उन्होंने बताया कि आगंतुकों के देखने के लिए ‘भीम’, ‘अर्जुन’ और ‘मदर टेरेसा’ समेत 145 किस्मों के गुलाब उपलब्ध हैं।

रखरखाव के कार्य के लिए उद्यान सोमवार को और होली के कारण चार मार्च को बंद रहेगा।

गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष मौके पर बुकिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी इसलिए, आगंतुकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी बुकिंग ऑनलाइन पहले से करा लें।

लोग राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट पर बुकिंग करा सकते हैं। जिस दिन पर्यटक अमृत उद्यान घूमना चाहते हैं उससे एक दिन पहले वे सुबह 10 बजे तक बुकिंग करा सकते हैं।

सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश और निकास राष्ट्रपति भवन के गेट नंबर 35 से होगा, जो नॉर्थ एवेन्यू और राष्ट्रपति भवन के चौराहे के पास स्थित है।

आगंतुकों की सुविधा के लिए ‘केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन’ से गेट नंबर 35 तक सुबह 9:30 बजे से शाम छह बजे के बीच हर 30 मिनट पर शटल बस सेवा उपलब्ध होगी।

अधिकारी ने बताया कि मेट्रो स्टेशन से आखिरी शटल बस शाम चार बजे रवाना होगी।

गुप्ता के अनुसार अमृत उद्यान तीन मार्च को रक्षा कर्मियों के लिए, पांच मार्च को वरिष्ठ नागरिकों के लिए, 10 मार्च को महिलाओं और आदिवासी महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए और 13 मार्च को दिव्यांगजनों के लिए के लिए खुला रहेगा।

भाषा जितेंद्र राजकुमार

राजकुमार