उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्ट, रूद्रप्रयाग में दो मजदूरों की मौत |

उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्ट, रूद्रप्रयाग में दो मजदूरों की मौत

उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्ट, रूद्रप्रयाग में दो मजदूरों की मौत

: , July 20, 2022 / 03:46 PM IST

देहरादून, 20 जुलाई (भाषा) उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में बुधवार को एक निर्माणाधीन पुल की शटरिंग पलट जाने से वहां काम कर रहे दो मजदूरों की मृत्यु हो गयी जबकि मौसम विभाग की तरफ से बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

बारिश को लेकर रेड अलर्ट के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष जाकर स्वयं तैयारियों का जायजा लिया।

प्रदेश में अनेक स्थानों पर लगातार हो रही बारिश से दर्जनों स्थानों पर भूस्खलन हुआ जिससे कई मार्ग यातायात के लिए अवरूद्ध हो गए और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए अत्यधिक बारिश की संभावना वाले जिलों में स्कूलों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में छुट्टी रखी गयी।

बारिश के बीच ऋषिकेश-बदरीनराथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रूद्रप्रयाग जिले के नरकोटा क्षेत्र में एक निर्माणाधीन पुल की शटरिंग (लोहे का जाल) टूटने से उसके नीचे दबकर दो मजदूरों की मृत्यु हो गयी तथा छह अन्य घायल हो गए ।

घटना की सूचना मिलने पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची और तलाश एवं बचाव अभियान चलाया। बचावकर्मियों ने कटर की मदद से लोहे का जाल काटकर मजदूरों को बाहर निकाला।

रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह परिहार ने ‘भाषा’ को बताया कि शटरिंग की लोहे की ​सरिया के नीचे दबे दो मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं। घायल अवस्था में निकाले गए छह मजदूरों को रूद्रप्रयाग के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।

रुद्रप्रयाग और श्रीनगर के बीच चारधाम ‘आल वेदर रोड’ परियोजना के तहत नया पुल बनाया जा रहा है और पुल के खंभों के लिए वहां लोहे की सरिया का जाल तैयार करने के दौरान यह हादसा हुआ ।

घटना के बाद रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि निर्माणाधीन पुल के क्षतिग्रस्त होने की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ ही कार्य करा रही एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ ​आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ।

मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 13 में से नौ जिलों के लिए बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, उधमसिंह नगर, हरिद्वार, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गयी है।

अलर्ट के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में जाकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को लगातार सतर्क रहने के ​निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से आपदा से संबंधित किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हर समय पूरी तैयारी रखने को कहा है जिससे कम से कम प्रतिक्रिया समय में सहायता पहुंचाई जा सके ।

देहरादून सहित अत्यधिक बारिश की संभावना वाले सभी जिलों में बुधवार को स्कूलों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लिए अवकाश रखा गया ।

प्रदेश के ज्यादातर स्थानों पर बारिश होने की सूचना है जहां पिछले 24 घंटों के दौरान हल्द्वानी में 154 मिमी, लीती में 151 मिमी, डीडीहाट में 115.50 मिमी, कोटद्वार में 91 मिमी, देहरादून के करनपुर में 85.50 मिमी, जौलीग्रांट में 80.40 मिमी, सहसपुर में 72 मिमी, धारचूला में 69.20 मिमी बारिश दर्ज की गयी ।

लगातार बारिश से भूस्खलन होने के कारण प्रदेश में आठ राज्य मार्ग और 145 ग्रामीण मोटर मार्ग यातायात के लिए अवरूद्ध हो गए हैं जिन्हें खोलने का प्रयास किया जा रहा है ।

चारों धामों के लिए मार्गों पर हालांकि यातायात सुचारू है और उन पर यात्रा चल रही है ।

भाषा दीप्ति

दीप्ति प्रशांत

प्रशांत

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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