लाल किला विस्फोट मामला : एनआईए ने 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया
लाल किला विस्फोट मामला : एनआईए ने 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया
नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने लाल किला इलाके में कार बम विस्फोट मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पिछले वर्ष 10 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी को दहला देने वाले इस उच्च तीव्रता के विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई थी, कई लोग घायल हुए थे और बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचा था।
एनआईए द्वारा जारी बयान के अनुसार, मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी (मृत) समेत सभी 10 आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े थे, जो भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस) का एक सहयोगी संगठन है। आरोपपत्र यहां पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल किया गया।
गृह मंत्रालय ने जून 2018 में एक्यूआईएस और उससे जुड़े सभी संगठनों को आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि एनआईए ने वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच के जरिए एक बड़े जिहादी षड्यंत्र का पर्दाफाश किया। जांच में पाया गया कि कुछ कट्टरपंथी बने चिकित्सा पेशेवरों सहित आरोपी एक्यूआईएस/अंसार गजवत-उल-हिंद की विचारधारा से प्रेरित होकर इस घातक हमले को अंजाम देने में शामिल थे।
आरोपपत्र गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967; भारतीय न्याय संहिता, 2023; विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908; शस्त्र अधिनियम, 1959; और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की संबंधित धाराओं के तहत दाखिल किया गया है।
बयान में कहा गया है कि पुलवामा निवासी डॉ. उमर उन नबी के खिलाफ आरोप समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है, जो आत्मघाती हमले में मारा जा चुका है। वह हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय में मेडिसिन विभाग का पूर्व सहायक प्रोफेसर था।
एनआईए के अनुसार, आरोपपत्र में डॉ. नबी के अलावा आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राथर, डॉ. शहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयाब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार के नाम शामिल हैं।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा

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