एमएलसी की नियुक्ति पर तेलंगाना कैबिनेट की सिफारिश ठुकराना ‘संघीय भावना’ के खिलाफ: के. कविता

एमएलसी की नियुक्ति पर तेलंगाना कैबिनेट की सिफारिश ठुकराना 'संघीय भावना' के खिलाफ: के. कविता

एमएलसी की नियुक्ति पर तेलंगाना कैबिनेट की सिफारिश ठुकराना ‘संघीय भावना’ के खिलाफ: के. कविता
Modified Date: September 26, 2023 / 03:31 pm IST
Published Date: September 26, 2023 3:31 pm IST

( फाइल फोटो के साथ )

हैदराबाद, 26 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘पिछड़ा वर्ग विरोधी पार्टी’ करार देते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता ने मंगलवार को उनकी पार्टी के दो नेताओं को विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) के रूप में नामित करने की राज्य कैबिनेट की सिफारिश को खारिज करने को लेकर राज्यपाल तमिलसाई सौंदरराजन की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल का यह कृत्य ‘संघीय भावना’ के विरुद्ध है।

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सौंदरराजन ने सत्तारूढ़ बीआरएस नेता श्रवण दासोजू और पूर्व विधायक कुर्रा सत्यनारायण को राज्यपाल कोटे के तहत एमएलसी के रूप में नामित करने की राज्य कैबिनेट की सिफारिश को खारिज कर दिया था।

कविता ने सौंदरराजन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘जिन दो व्यक्तियों को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा नामित किया गया था, वे पिछड़ा वर्ग से हैं। जो लोग सीधे चुनाव के माध्यम से विधायिका में नहीं आ सकते थे, उन्हें मौका देने के लिए मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने प्रस्ताव रखा था लेकिन राज्यपाल ने इसे अस्वीकार कर दिया। यह साबित करता है कि भाजपा पिछड़ा वर्ग विरोधी पार्टी है।’’

बीआरएस एमएलसी कविता ने कहा, ‘‘हर किसी को लगता है कि राज्यपाल की अस्वीकृति देश की संघीय भावना के खिलाफ है। उन्होंने कई कारणों का हवाला देते हुए इसे खारिज कर दिया।’’

कविता ने संवाददाताओं से कहा कि क्या देश में ‘भारत का संविधान’ लागू है या ‘भारतीय जनता पार्टी का संविधान’ लागू है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों के राज्यपाल इस तरह का व्यवहार करते हैं और लोग इस तरह के व्यवहार को देख रहे हैं।

भाषा साजन सुरेश मनीषा

मनीषा


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