आंध्र प्रदेश में गैस कुएं में विस्फोट स्थल से मलबा हटाने का काम जारी
आंध्र प्रदेश में गैस कुएं में विस्फोट स्थल से मलबा हटाने का काम जारी
मोरी (आंध्र प्रदेश), नौ जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के डॉ. बीआर अंबेडकर कोनासीमा जिले में एक गैस कुएं में लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए लगातार शुक्रवार को भी प्रयास जारी रहे। तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के कर्मचारी फिलहाल वहां से मलबा हटाने के कार्य में लगे हुए हैं।
ओएनजीसी के स्वामित्व वाले मोरी-5 कुएं से गैस रिसाव के बाद पांच जनवरी को मोरी और इरुसुमंडा गांवों के पास भीषण आग भड़क उठी थी। हालांकि, फिलहाल आग की तीव्रता कम हो गई है।
‘ब्लोआउट’ का मतलब दबाव नियंत्रण प्रणालियों की विफलता के बाद तेल या गैस के कुएं से कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस का अनियंत्रित रिसाव होना है।
एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “वे मलबा हटा रहे हैं। संभवतः एक या दो दिन में पूरा मलबा हटा लिया जाएगा। मलबा हटने के बाद ही वे कुएं के ऊपरी हिस्से पर काम शुरू कर पाएंगे।”
ओएनजीसी की टीम पिछले तीन दिनों से आग बुझाने और ‘ब्लोआउट’ को नियंत्रित करने के अभियान में जुटी हुई हैं।
कोनासीमा जिले में स्थित इस गैस कुएं का संचालन अहमदाबाद स्थित सूचीबद्ध कंपनी डीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड कर रही है।
इस हादसे के बाद, ओएनजीसी के वरिष्ठ प्रबंधन ने परिचालन का सीधा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आग बुझाने के लिए कंपनी ‘वाइल्ड वेल कंट्रोल’ की मदद लेगी या नहीं।
‘वाइल्ड वेल कंट्रोल’ अमेरिका की एक कंपनी है, जो तेल और गैस उद्योग को कुआं नियंत्रण, आपातकालीन प्रतिक्रिया, दबाव नियंत्रण, राहत कुआं योजना और अन्य सेवाएं प्रदान करती है।
यह तेल या गैस कुआं नियंत्रण से संबंधित सभी प्रकार की घटनाओं को सुरक्षित रूप से रोकने और उनका समाधान करने में सेवाएं प्रदान करती है।
भाषा प्रचेता रंजन
रंजन

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