बंगाल के दो विधानसभा क्षेत्रों के 15 मतदेय स्थलों पर शनिवार को पुनर्मतदान के आदेश

बंगाल के दो विधानसभा क्षेत्रों के 15 मतदेय स्थलों पर शनिवार को पुनर्मतदान के आदेश

बंगाल के दो विधानसभा क्षेत्रों के 15 मतदेय स्थलों पर शनिवार को पुनर्मतदान के आदेश
Modified Date: May 2, 2026 / 12:21 am IST
Published Date: May 2, 2026 12:21 am IST

कोलकाता, एक मई (भाषा) निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों के 15 मतदेय स्थलों (बूथ) पर चुनावी अनियमितताओं की शिकायत के बाद दो मई को पुनर्मतदान कराने का शुक्रवार को आदेश दिया।

निर्वाचन आयोग के आदेश के मुताबिक, मगराहाट पश्चिम के 11 मतदेय स्थलों और डायमंड हार्बर के चार मतदेय स्थलों पर पुनर्मतदान के आदेश दिए गए हैं।

आदेश के अनुसार, पुनर्मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा।

आयोग के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र में पुनर्मतदान पर फैसला शनिवार को लिया जाएगा क्योंकि विधानसभा क्षेत्र से रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।

मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर में 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत वोट डाले गए थे।

आयोग के मुताबिक, पुनर्मतदान का आदेश दोनों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से मिली रिपोर्ट के आधार पर तथा “भौतिक परिस्थितियों” को ध्यान में रखते हुए दिया गया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के प्रतिनिधित्व वाले डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र की दोनों विधानसभा सीट के कुछ मतदान केंद्रों पर बड़े पैमाने पर चुनावी अनियमितताओं का आरोप लगाया था।

निर्वाचन आयोग ने आरोपों की जांच के लिए अपने विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता को नियुक्त किया था।

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, “भाजपा जानती है कि डायमंड हार्बर और मगराहाट में उसे करारी हार का सामना करना पड़ेगा, इसीलिए वह इन क्षेत्रों में पुनर्मतदान की मांग कर रही है। निर्वाचन आयोग की मदद से भाजपा दोनों क्षेत्रों के लोगों को एक बार फिर मतदान की कठिन प्रक्रिया से गुजरने के लिए मजबूर कर रही है। जनादेश भाजपा के खिलाफ है और यह वैसा ही रहेगा।”

दूसरी ओर, भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “तृणमूल कांग्रेस को फायदा पहुंचाने के लिए इन क्षेत्रों के कई मतदेय स्थलों पर धांधली हुई थी। हम पुनर्मतदान कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले से खुश हैं।”

भाषा शफीक सुभाष

सुभाष


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