नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त कर्मियों ने “संसद चलो’’ मार्च के दौरान हुई हिंसा में जख्मी हुए सुरक्षाकर्मियों के समर्थन में तथा हिंसा व तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग के लिए 31 जुलाई को यहां जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण धरने की अनुमति मांगी है।
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा नीट-यूजी प्रश्न पत्र लीक पर धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जुलाई को लेकर विरोध मार्च निकाला गया था। प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया जिसके बाद कॉजपा का धरना समाप्त हो गया।
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार को लिखे पत्र में, दिल्ली पुलिस महासंघ (दिल्ली पुलिस सेवानिवृत्त अराजपत्रित/राजपत्रित अधिकारी संघ) ने जंतर-मंतर पर पूर्वाह्न 11 बजे से शाम 5 बजे तक एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी।
संघ ने कहा कि धरने की मंशा 20 जुलाई को ड्यूटी के दौरान जख्मी हुए दिल्ली पुलिस के कर्मियों के साथ एकजुटता जाहिर करना तथा उनका मनोबल बढ़ाना है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान 200 से अधिक पुलिस कर्मियों को चोटें आईं, जबकि 65 से अधिक प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। पुलिस ने यह भी कहा था कि झड़प के दौरान 15 से अधिक पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त किए गए थे।
संघ ने कहा कि वह विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कर्मियों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में कथित तौर पर शामिल ‘आदतन अपराधियों, असामाजिक तत्वों, गैंगस्टरों और हिंसा भड़काने वालों’ के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए दबाव डालना चाहता है।
धरने की अनुमति मांगने वाले आवेदन में कहा गया है कि यह जंतर-मंतर पर निर्धारित विरोध क्षेत्र के भीतर होगा, संसद भवन या सेंट्रल विस्टा की ओर कोई मार्च नहीं निकाला जाएगा, कोई अस्थायी ढांचा या तंबू नहीं लगाया जाएगा और आयोजक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत जारी सभी निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस के साथ पूरा सहयोग करेंगे।
आयोजकों ने यह भी वादा किया कि विरोध शांतिपूर्ण रहेगा, कोई हथियार या प्रतिबंधित वस्तु नहीं लाई जाएगी, और पैदल यात्री या वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा नहीं होगी।
पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और संघ के अध्यक्ष वेद भूषण ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि यह मांग उन छात्रों के खिलाफ नहीं है जिन्होंने विरोध प्रदर्शन में शांतिपूर्वक भाग लिया था।
भूषण ने कहा, “ हम कह रहे हैं कि जो छात्र वहां शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, लेकिन जो लोग आपराधिक बल प्रयोग और पुलिस कर्मियों पर पथराव करने, वाहनों को क्षतिग्रस्त करने में शामिल थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।”
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नोमान नरेश
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