सेवानिवृत्त पत्रकारों की पेंशन दोगुनी, 38 हजार अस्पतालों में मिलेगा स्वास्थ्य बीमा: शुभेंदु अधिकारी
सेवानिवृत्त पत्रकारों की पेंशन दोगुनी, 38 हजार अस्पतालों में मिलेगा स्वास्थ्य बीमा: शुभेंदु अधिकारी
कोलकाता, एक सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सेवानिवृत्त पत्रकारों की मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन को दोगुना कर 5,000 रुपये करने की मंगलवार को घोषणा की जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई। इसके साथ ही उन्होंने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना’ के तहत पत्रकारों को स्वास्थ्य कार्ड वितरित करने की शुरुआत भी की।
यह घोषणा ‘प्रेस क्लब’ के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ पत्रकारों की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यक्रम में की गई।
शुभेंदु ने बताया कि इस स्वास्थ्य योजना के तहत पत्रकार और उनके परिजन देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक की भुगतान रहित उपचार सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य बीमा सुविधा एम्स, वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी), मुंबई के टाटा कैंसर अस्पताल, पीजीआईएमईआर-चंडीगढ़ और हैदराबाद के डॉ. रेड्डीज अस्पताल समेत देशभर के करीब 38,000 सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में यह सुविधा राज्य के करीब 1,900 सरकारी और निजी अस्पतालों के अलावा देशभर में ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में भी मिलेगी।
शुभेंदु ने पूर्ववर्ती सरकार की इसी तरह की योजना से तुलना करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार की ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना के तहत राज्य के केवल 1,700 अस्पतालों में ही भुगतान रहित उपचार की सुविधा उपलब्ध थी।
उन्होंने कहा कि जो पत्रकार और उनके परिजन विशेष शर्तों या आयु संबंधी मानदंडों के कारण ‘आयुष्मान भारत’ योजना के पात्र नहीं हैं, उन्हें सीधे ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना’ के दायरे में लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया की निगरानी सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के सचिव डॉ. सौमित्र मोहन और स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम करेंगे।
उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए किसी राजनीतिक व्यक्ति या मंत्री की सिफारिश की जरूरत नहीं होगी।
शुभेंदु ने पेंशन योजना के बारे में कहा कि पात्रता मानदंड पूरे करने वाले सेवानिवृत्त पत्रकारों के बड़े वर्ग को अब इसके दायरे में लाया जाएगा। इसमें समाचार डेस्क पर काम करने वाले पत्रकार और वे पत्रकार भी शामिल होंगे, जिनके पास प्रेस मान्यता कार्ड नहीं है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल करीब 150 सेवानिवृत्त पत्रकारों को 2,500 रुपये की मासिक सामाजिक सुरक्षा राशि मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता की बजट की घोषणा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के पूर्व प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार अधिक से अधिक पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को पेंशन योजना के दायरे में लाने का प्रयास करेगी।
उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता और जिलों में कार्यरत पत्रकारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में अंतर खत्म करने की भी घोषणा की।
शुभेंदु ने बताया कि कोलकाता में पत्रकारों को पहले 2,000 रुपये और जिलों में 1,000 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब सभी पात्र आवेदकों को 3,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि संशोधित योजनाओं का उद्देश्य पत्रकारों और मीडियाकर्मियों, विशेषकर निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के बड़े वर्ग को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है।
शुभेंदु ने कहा कि लाभार्थियों का चयन निर्धारित पात्रता मानदंड के आधार पर किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पात्र पत्रकारों को किसी बाहरी कारण से योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ मौजूदा 150 लाभार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि बड़ी संख्या में पात्र मीडियाकर्मियों तक पहुंचे।
शुभेंदु ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का “चौथा स्तंभ” बताते हुए मीडिया से सरकार की रचनात्मक आलोचना जारी रखने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सरकार और सत्तारूढ़ दल की आलोचना स्वीकार्य है, लेकिन मीडिया को राष्ट्रहित और देशभक्ति से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदारी बरतनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, लेकिन हमें ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत को बनाए रखना चाहिए।”
उन्होंने मीडिया से ऐसी भाषा के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जो देश को कमजोर कर सकती है या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है।
भाषा खारी नरेश
नरेश

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