अनुच्छेद 32 के तहत संवैधानिक उपचारों के अधिकार का दुरुपयोग किया जा रहा है : न्यायालय

अनुच्छेद 32 के तहत संवैधानिक उपचारों के अधिकार का दुरुपयोग किया जा रहा है : न्यायालय

अनुच्छेद 32 के तहत संवैधानिक उपचारों के अधिकार का दुरुपयोग किया जा रहा है : न्यायालय
Modified Date: January 16, 2026 / 01:05 pm IST
Published Date: January 16, 2026 1:05 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बंबई उच्च न्यायालय में एक याचिका लंबित होने के बावजूद अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करने वाले एक याचिकाकर्ता से शुक्रवार को नाराजगी जताई।

अनुच्छेद 32 नागरिकों को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर शीर्ष अदालत से संवैधानिक उपचार का अनुरोध करने का अधिकार देता है।

न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालयों में स्थगन जैसे मामलों को लेकर भी अनुच्छेद 32 के तहत याचिकाएं दायर कर इसका दुरुपयोग किया जा रहा है।

 ⁠

पीठ ने कहा, ‘‘अनुच्छेद 32 का दुरुपयोग हो रहा है। अनुच्छेद 32 के तहत दायर मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हर छोटी बात पर, एक स्थगन पर भी, यहां अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर कर दी जाती है। खासकर दिल्ली के आसपास के लोग अनुच्छेद 32 के तहत याचिकाएं दायर कर रहे हैं। यह क्या है? यह दुरुपयोग है।’’

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 32 के तहत दायर यह याचिका अदालत की प्रक्रिया और कानून का घोर दुरुपयोग है। शीर्ष अदालत ने उसे खारिज कर दिया।

भाषा गोला मनीषा वैभव

वैभव


लेखक के बारे में