Panchayat Sachiv Retirement Age: पंचायत सचिवों के रिटायरमेंट की उम्र में दो साल बढ़ोतरी, 7वें वेतनमान के तहत मिलेगी सैलरी, सीएम ने खोला सौगातों का पिटारा

Panchayat Sachiv Retirement Age MP: पंचायत सचिवों के रिटायरमेंट की उम्र में दो साल बढ़ोतरी, 7वें वेतनमान के तहत मिलेगी सैलरी, सीएम ने खोला सौगातों का पिटारा

Panchayat Sachiv Retirement Age: पंचायत सचिवों के रिटायरमेंट की उम्र में दो साल बढ़ोतरी, 7वें वेतनमान के तहत मिलेगी सैलरी, सीएम ने खोला सौगातों का पिटारा

Panchayat Sachiv Retirement Age: पंचायत सचिवों के रिटायरमेंट की उम्र दो साल बढ़ोतरी, 7वें वेतनमान के तहत मिलेगी सैलरी / Image: IBC24 Customized

Modified Date: January 16, 2026 / 02:17 pm IST
Published Date: January 16, 2026 2:14 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पंचायत सचिव 60 के बजाय 62 साल की उम्र में रिटायर होंगे
  • पंचायत सचिवों को अब 7वें वेतनमान के अनुसार वेतन का भुगतान
  • पंचायत सचिवों को अब विशेष भत्ता

भोपाल: Panchayat Sachiv Retirement Age MP सीएम मोहन यादव आज दशहरा मैदान स्थित प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने प्रदेश के सचिवों के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया। जहां एक ओर सीएम मोहन यादव ने सचिवों को अब 7वें वेतनमान के तहत सैलरी का भुगतान करने का फैसला किया है तो वहीं रिटायरमेंट की उम्र में भी दो साल बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। यानि अब पंचायत सचिव 62 साल की उम्र में रिटायर होंगे। इस कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव के साथ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल भी मौजूद रहे।

Panchayat Sachiv Retirement Age MP पंचायत सचिवों के लिए सौगातों की बौछार

  • जिला कैडर का गठन के साथ सेवा शर्तों का सुधार होगा
  • पंचायत सचिवों की रिटायरमेंट आयुसीमा 62 वर्ष
  • पंचायत सचिवों को विशेष भत्ता भी दिया जाएगा
  • सातवां वेतनमान भी पंचायत सचिवों को मिलेगा
  • वृन्दावन गांव योजना पंचायतों के माध्यम से होगी
  • पंचायत सचिवों को अधिकार संपन्न बनाया जा रहा है
  • अब अनुकम्पा नियुक्ति मिलने पर पंचायत सचिवों से 1.50 लाख रुपए किस्तों में वापस नहीं लिए जाएंगे
  • पंचायत सचिव की मृत्यु के बाद यह 1.50 रुपए शासन की तरफ से दिए जाते थे और अनुकम्पा नियुक्ति मिलने पर 10 किस्तों में वापस लिए जाते थे अब नहीं किए जाएंगे।

सचिव ही पंचायत की आत्मा

सीएम मोहन ने सचिवों को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यक्रम में जाने का बहुत मौका मिलता है लेकिन ताली की गड़गड़ाहट यहीं मिलती है। भारत को आगे बढ़ना है तो गांव को मजबूत करना होगा। गांव के गरीब मजदूर किसान पर ध्यान देना होगा, अब छोटे ग्रामीण क्षेत्रों में भी काम पर लगना चाहिए। पंचायती राज के काम की धूरी पंचायत सचिव है, या यूं कहें कि सचिव ही पंचायत की आत्मा है। सरकार के निर्णय का क्रियान्वयन पंचायत से ही होता है। पंचायत मजबूर करो देश अपने आप मज़बूत हो जाएगा।

वहीं, कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने सचिवों को संबोधित करते हुए कहा कि समयमान वेतनमान का आदेश 2025 में ही हो गया था। अनुकंपा नियुक्ति की आयुसीमा के मामले में हमनें हल किए हैं, लेकिन अभी OBC का मामला कोर्ट में है। पंचायत सचिवों को आयुष्मान योजना का लाभ देने का फैसला करेंगे। पंचायत सचिवों के भत्ते का भी समाधान करेंगे।

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इन मांगों को लेकर खोला था मोर्चा

  • – हर महीने की 1 तारीख को वेतन मिलना चाहिए। अभी उन्हें तीन से चार महीने तक वेतन नहीं मिल रहा है।
  • – समयमान वेतनमान का लाभ उन्हें तुरंत मिलना चाहिए।
  • – सरकारी कर्मचारियों की तरह सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
  • – प्रदेश की 313 जनपदों में से 50% में वेतन के लिए हमेशा दिक्कत होती है। इसलिए बजट में अलग से प्रावधान किया जाना चाहिए।
  • – सचिवों के पांचवें और छठवें वेतनमान में सेवा काल की गणना नियुक्ति की तारीख से होनी चाहिए।
  • – अनुकंपा नियुक्ति के जो मामले बचे हैं, उनमें पिछड़ा वर्ग और वंचित लोगों को 100% नियुक्तियां मिलनी चाहिए।
  • – विभाग में संविलियन की मांग पूरी होनी चाहिए।

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