चंदा ‘चोरी’ की खबर देने वाले पत्रकार के खिलाफ ‘रोडरेज’ का मामला; न्यायालय का रुख किया
चंदा ‘चोरी’ की खबर देने वाले पत्रकार के खिलाफ ‘रोडरेज’ का मामला; न्यायालय का रुख किया
नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) अयोध्या के राम मंदिर में चंदे के प्रबंधन में अनियमितताओं को उजागर करने वाले एक पत्रकार ने गाजियाबाद पुलिस द्वारा उनके खिलाफ कथित ‘रोडरेज’ मामले में दर्ज प्राथमिकी के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय का रुख किया है।
पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की याचिका में कहा गया है कि उनके ख़िलाफ दर्ज प्राथमिकी मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित है और यह उनके स्वतंत्र पत्रकारिता के काम के लिए उन्हें परेशान करने की कोशिश है।
याचिका में उपाध्याय ने कहा है कि उन्हें प्राथमिकी की प्रति नहीं दी गई है और पुलिस आसपास के दुकानदारों पर घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज नष्ट करने का दबाव डाल रही थी।
उपाध्याय ने प्राथमिकी रद्द करने या इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस के अलावा किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने का याचिका में अनुरोध किया है।
याचिका में कहा गया है, ‘‘याचिकाकर्ता को अपनी त्वरित गिरफ्तारी और शारीरिक नुकसान पहुंचाये जाने का डर है।’’ याचिकाकर्ता का कहना है कि, इन हालात को देखते हुए वह सुरक्षित इलाहाबाद उच्च न्यायालय नहीं पहुंच सकते।
याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता को डर है कि प्रभावी न्यायिक सुरक्षा मिलने से पहले ही उत्तर प्रदेश में सरकारी तंत्र द्वारा भेजे गए गुंडे उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं या उन्हें शारीरिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।
उपाध्याय के खिलाफ गाजियाबाद में एक कथित ‘रोडरेज’ घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसके बारे में उन्होंने दावा किया है कि यह उत्तर प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार पर उनकी रिपोर्टिंग के सिलसिले में दर्ज की गई थी।
यूट्यूब चैनल संचालित करने वाले उपाध्याय ने दावा किया कि पुलिस की एक टीम 20 अगस्त की देर रात उनके आवास पर पहुंची और उन्हें बताया कि ‘रोडरेज’ और अपमानजनक व्यवहार के आरोपों के बाद इंदिरापुरम थाने में मामला दर्ज किया गया है।
उपाध्याय के अनुसार, कथित घटना 18 अगस्त को गाजियाबाद के शिप्रा मॉल के पास उस वक्त हुई, जब एक मोटरसाइकिल उनकी कार से सट गयी। उन्होंने कहा कि मोटरसाइकिल चालक ने पुलिस आपातकालीन हेल्पलाइन 112 को सूचना दी और बाद में एक प्राथमिकी दर्ज की गई।
भाषा सुरेश आशीष
आशीष

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