सड़क दुर्घटना में मारे गए युवक की दो विवाहित बहनों को 24.52 लाख रुपये का मुआवजा

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सड़क दुर्घटना में मारे गए युवक की दो विवाहित बहनों को 24.52 लाख रुपये का मुआवजा

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  • Publish Date - August 2, 2026 / 05:04 PM IST,
    Updated On - August 2, 2026 / 05:04 PM IST

नयी दिल्ली, दो अगस्त (भाषा) दिल्ली के एक मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने 2018 में सड़क हादसे में मारे गए एक व्यक्ति की दो शादीशुदा बहनों को 24.52 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

अधिकरण ने कहा कि मूल दावेदार (मां) की मृत्यु हो जाने से मुआवजे की मांग करने का कानूनी अधिकार समाप्त नहीं होता।

अधिकरण ने माना कि मृतक की मां, जिन्होंने मूल रूप से यह याचिका दायर की थी, की मृत्यु के बाद उनकी कानूनी वारिस के रूप में दोनों विवाहित बहनें इस मुआवजे को पाने की हकदार हैं।

अधिकरण की पीठासीन अधिकारी रिचा मनचंदा ने उच्चतम न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय के हालिया फैसलों का हवाला देते हुए यह मुआवजा राशि मंजूर की।

उन्होंने कहा कि कानूनी प्रतिनिधि संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए दावे की कार्यवाही को आगे बढ़ा सकते हैं।

अधिकरण ने कहा, ‘मुआवजे का दावा करने का अधिकार किसी एकमात्र दावेदार या आश्रित की मृत्यु होने पर पूरी तरह खत्म नहीं होता। अन्य जीवित कानूनी वारिस या प्रतिनिधि संपत्ति को हुए नुकसान का दावा करने के लिए कानूनी कार्यवाही जारी रख सकते हैं।’

यह मामला सूरज (28) की मौत से जुड़ा है, जिसकी 20 सितंबर 2018 को जीटी करनाल रोड पर एक ट्रक की टक्कर से जान चली गई थी। अधिकरण ने जांच में पाया कि यह हादसा ट्रक चालक की लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुआ था।

अधिकरण ने यह मुआवजा राशि दोनों बहनों के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया। निर्देश दिया गया कि 3.26-3.26 लाख रुपये दोनों को तुरंत जारी किए जाएं, जबकि शेष राशि को चरणबद्ध तरीके से सावधि जमा (एफडी) में रखा जाए।

अधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि के बाद राशि जमा करने में देरी होने पर बीमा कंपनी को 12 प्रतिशत ब्याज देना होगा।

भाषा

सुमित दिलीप

दिलीप