शबरिमला के तंत्री को स्वर्ण गबन मामले में ‘फंसाया’ गया : कांग्रेस नेता चेन्निथला

शबरिमला के तंत्री को स्वर्ण गबन मामले में ‘फंसाया’ गया : कांग्रेस नेता चेन्निथला

शबरिमला के तंत्री को स्वर्ण गबन मामले में ‘फंसाया’ गया : कांग्रेस नेता चेन्निथला
Modified Date: February 22, 2026 / 03:38 pm IST
Published Date: February 22, 2026 3:38 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 22 फरवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने रविवार को आरोप लगाया कि शबरिमला के तंत्री (प्रधान पुजारी) को स्वर्ण चोरी मामले में ‘‘जानबूझकर फंसाया गया’’। उन्होंने बिना किसी सबूत के तंत्री की गिरफ्तारी के पीछे राजनीतिक हस्तक्षेप का संदेह जताया।

चेन्निथला ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा नियंत्रित थी और तंत्री कंडारारू राजीवरु को इसलिए गिरफ्तार किया गया, ताकि जांच कुछ ‘बड़े लोगों’ तक न पहुंच सके।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एसआईटी केरल उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने में विफल रही और उसने मामले के पीछे कथित साजिश की उचित जांच नहीं की।

चेन्निथला ने कहा कि हालांकि तंत्री को भगवान अय्यप्पा के पिता के रूप में पूजा जाता है, फिर भी उन्हें बिना किसी सबूत के गिरफ्तार कर 41 दिनों तक जेल में रखा गया।

कोल्लम सतर्कता न्यायालय ने हाल में तंत्री को जमानत देते हुए टिप्पणी की थी कि उनके खिलाफ कोई भी सबूत नहीं है।

चेन्निथला ने कहा, ‘‘इसलिए, हमें यह मान लेना चाहिए कि शबरिमला के तंत्री को जानबूझकर इस मामले में फंसाया गया था। यह स्पष्ट है कि तंत्री को गिरफ्तार करने के लिए राजनीतिक हस्तक्षेप किया गया था।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ‘‘बड़े लोगों’’ को गिरफ्तार करने के स्पष्ट सबूत होने के बावजूद, इस संबंध में अब तक उनपर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि तंत्री को जांच की दिशा बदलने और यह सुनिश्चित करने के लिए गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था कि यह मामला देवस्वोम मंत्री वी एन वासवन और पूर्व मंत्री कडकम्पल्ली सुरेंद्रन तक न पहुंचे।

चेन्निथला ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष पी एस प्रशांत पर स्वर्ण गबन के मामले में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया। उन्होंने हालांकि कहा कि प्रशांत से गुप्त रूप से पूछताछ की गई और उन्हें छोड़ दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में करारी हार का सामना करने के बाद एसआईटी जांच में बाधा डालने का निर्णय उच्च स्तर पर लिया गया था।

चेन्निथला ने कहा कि राज्य की जनता इस मामले के राजनीतिक दुरुपयोग के खिलाफ मुंहतोड़ जवाब देगी।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में