शिअद ने जेल में मजीठिया की जान को खतरा बताया, पंजाब के राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की
शिअद ने जेल में मजीठिया की जान को खतरा बताया, पंजाब के राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की
चंडीगढ़, 17 जनवरी (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने शुक्रवार को यहां पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात की और आरोप लगाया कि जेल में बंद पार्टी के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की जान को खतरा होने की खुफिया सूचनाओं के बावजूद राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए ‘‘कोई ठोस’’ कदम नहीं उठाया है।
शिअद ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से पूर्व मंत्री मजीठिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की अपील की और कहा कि उसे इस संबंध में प्रभावी कदम उठाने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर कोई भरोसा नहीं है।
राज्यपाल को सौंपे गए एक ज्ञापन में शिअद के वरिष्ठ नेताओं ने मजीठिया की जान को ‘‘गंभीर खतरा’’ होने का जिक्र किया और उनके मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
मजीठिया फिलहाल पटियाला की नाभा जेल में बंद हैं। उन्हें पिछले साल जून में पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। वह पूर्व मुख्यमंत्री और शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल के साले हैं।
बलविंदर सिंह भुंडर, महेशिंदर सिंह ग्रेवाल, दलजीत सिंह चीमा और गनीव कौर मजीठिया समेत शिअद के प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में कहा, ‘‘ऐसी खुफिया सूचनाएं हैं कि बब्बर खालासा इंटरनेशनल (बीकेआई) मजीठिया को खत्म कर सकता है, जिसके बाद उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद मजीठिया और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।’’
ज्ञापन में कहा गया है कि एक जनवरी को दो डीआईजी ने जेल में मजीठिया से मुलाकात की और बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि जेल परिसर के अंदर आतंकवादी संगठन बीकेआई उन्हें निशाना बनाएगा।
शिअद ने यह आरोप भी लगाया कि 15 जनवरी को मजीठिया की पत्नी गनीव कौर मजीठिया के नाभा जेल जाने के दौरान मुलाकात पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए गए थे।
शिअद ने कहा, ‘‘ऐसी आशंका है कि कैमरों में माइक लगे हुए हैं।’’
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान शिअद प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब केसरी अखबार समूह का मुद्दा भी उठाया, जिसने दावा किया है कि प्रर्वतन एजेंसियों के छापों के जरिए उसे निशाना बनाया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने भगवंत मान सरकार पर मीडिया की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
शिअद प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से ‘‘आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से प्रेस की स्वतंत्रता पर किए जा रहे हमले को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया, जो पंजाब केसरी समूह के प्रेस और अन्य व्यवसायों पर छापे मारकर उसे डरा रही है।’’
पंजाब सरकार ने बृहस्पतिवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर पंजाब केसरी समूह के आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।
भाषा गोला जोहेब
जोहेब

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