पहाड़िया समुदाय की सुरक्षा करे साहिबगंज जिला प्रशासन : झारखंड उच्च न्यायालय

पहाड़िया समुदाय की सुरक्षा करे साहिबगंज जिला प्रशासन : झारखंड उच्च न्यायालय

पहाड़िया समुदाय की सुरक्षा करे साहिबगंज जिला प्रशासन : झारखंड उच्च न्यायालय
Modified Date: January 29, 2026 / 10:29 pm IST
Published Date: January 29, 2026 10:29 pm IST

रांची, 29 जनवरी (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने साहिबगंज प्रशासन को जिले में पहाड़िया समुदाय की उचित सुरक्षा और देखभाल यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति संजय प्रसाद को कुछ आरोपियों की अपील की सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी गई कि साहिबगंज जिले के कस्बा गांव में पहाड़िया समुदाय के सदस्यों को अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों द्वारा होली मनाने को लेकर हुए विवाद के कारण भूखा रखा गया था। पहाड़िया समुदाय एक विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूह (पीवीटीजी) है।

याचिकाकर्ता ने बताया कि यह घटना पिछले साल 14 मार्च की है, जब पहाड़िया समुदाय के सदस्य होली मना रहे थे और गांव में लाउडस्पीकर पर बज रहे संगीत पर नाच रहे थे।

जश्न मनाने वालों को शफीक उल शेख, जलील शेख और अल्पसंख्यक समुदाय के अन्य आरोपी व्यक्तियों ने घेर लिया।

गांव निवासी प्रभावशाली आरोपियों ने न केवल होली मनाने को लेकर पहाड़िया समुदाय के सदस्यों को धमकाया, बल्कि पहाड़िया समुदाय को सरकारी जल आपूर्ति का उपयोग करने से भी रोक दिया गया।

पीड़ित ने अदालत को बताया कि गांव में यह फरमान जारी किया गया था कि पहाड़िया समुदाय के सदस्यों को किसी भी प्रकार का राशन या दवा न बेची जाए।

इस समुदाय के बच्चों को सरकारी स्कूल और गांव के आंगनवाड़ी केंद्र की सेवाओं से भी वंचित कर दिया गया था। नतीजतन, समुदाय भुखमरी के कगार पर था।

आरोपियों ने गांव में कहा था कि पहाड़िया समुदाय की मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति को 10,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।

सारी उम्मीदें खो देने के बाद, पहाड़िया समुदाय के एक पीड़ित ने प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसे बरहरवा पुलिस स्टेशन में भारत न्याय साहित्य और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत पंजीकृत किया गया।

उच्च न्यायालय ने 28 जनवरी को आदेश पारित करते हुए आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी और कहा कि जिला प्रशासन द्वारा पहाड़िया समुदाय की घोर उपेक्षा की गई है।

अदालत ने पुलिस द्वारा की गई धीमी जांच पर भी सवाल उठाया और साहिबगंज के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे पहाड़िया समुदाय के सदस्यों को उचित सुरक्षा प्रदान करना और समुदाय का कल्याण सुनिश्चित करें।

अदालत ने पुलिस महानिदेशक, मुख्य सचिव और अन्य सरकारी अधिकारियों को भी साहेबगंज में पहाड़िया समुदाय के जीवन की सुरक्षा के लिए कदम उठाने हेतु नोटिस जारी किया है।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


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