कुरुक्षेत्र, 22 अगस्त (भाषा) हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को भी जारी रही, क्योंकि राज्य सरकार और कर्मचारियों के संघ के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही।
सूत्रों के अनुसार, सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की प्रमुख मांग अब भी गतिरोध का कारण बनी हुई है। कर्मचारी संघ ने दो सप्ताह से अधिक समय से जारी हड़ताल समाप्त करने से इनकार कर दिया और कहा कि अब वह अपनी मांगों पर ठोस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करेंगे।
सफाई कर्मचारियों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के बीच कुरुक्षेत्र में बैठक हुई।
बैठक में सरकार की ओर से मंत्री कृष्ण बेदी ने हिस्सा लिया, जबकि म्यूनिसिपल एम्प्लॉइज यूनियन हरियाणा और अन्य कर्मचारी संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी वार्ता में शामिल हुए।
हड़ताल जारी रहने के कारण घर-घर से कचरा एकत्र करने और उसे उठाने का काम प्रभावित हुआ है। हरियाणा के कई हिस्सों में बाजारों और अन्य स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए हैं।
बैठक के बाद मंत्री कृष्ण बेदी ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने सफाई कर्मचारियों के संघ के साथ विस्तृत बातचीत की है और काफी प्रगति हुई है। बेदी ने कहा कि संघ की 14 मांगों में से 13 पर सरकार और संघ के बीच बातचीत के दौरान सहमति बन गई है।
हालांकि, सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की मांग पर सहमति नहीं बन सकी और यह दोनों पक्षों के बीच मुख्य मतभेद का मुद्दा बना रहा।
मंत्री ने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहती है।
नियमितीकरण के संबंध में बेदी ने कहा कि इस मामले में कानूनी पेचीदगियां हैं और अंतिम निर्णय लेने से पहले सरकार को उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के फैसलों को ध्यान में रखना होगा।
उन्होंने संकेत दिया कि लागू कानूनी प्रावधानों और अदालतों के फैसलों की समीक्षा किए बिना सरकार कोई प्रतिबद्धता नहीं जता सकती।
बेदी ने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील है और बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहती है।
सरकार के 14 में से 13 मांगों के समाधान के दावे के बावजूद सफाई कर्मचारी संघ हड़ताल जारी रखने के अपने फैसले पर कायम रहा। कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण और ठेका व्यवस्था समाप्त करना प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
बैठक से बाहर निकलने के बाद म्यूनिसिपल एम्प्लॉइज यूनियन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सरकार द्वारा ठोस निर्णय लिए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।
शास्त्री ने कहा कि संघ ने बैठक में सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं, लेकिन सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की मांग पर कोई सहमति नहीं बन सकी।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण और ठेका व्यवस्था समाप्त करना शामिल है।
शास्त्री के अनुसार, ठेका व्यवस्था सफाई कर्मचारियों के लिए गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक समस्याएं पैदा कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में कर्मचारियों को छह महीने तक वेतन के लिए इंतजार करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अब संघ मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और पूरा मामला उनके समक्ष रखेगा।
भाषा अमित पवनेश
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