पुणे में प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों के साथ बैठने को तैयार हूं : राहुल गांधी

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पुणे में प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों के साथ बैठने को तैयार हूं : राहुल गांधी

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  • Publish Date - August 22, 2026 / 10:15 PM IST,
    Updated On - August 22, 2026 / 10:15 PM IST

पुणे (महाराष्ट्र), 22 अगस्त (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों के साथ शामिल होने की पेशकश की। समुदाय की एक छात्रा द्वारा छात्रावास सुविधाओं, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए जाने के बाद गांधी ने उन्हें समर्थन दिया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुणे में पार्टी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान छात्राओं से विभिन्न मुद्दों पर संवाद किया। इस दौरान एक छात्रा द्वारा आदिवासी छात्रों की समस्याएं उठाए जाने पर गांधी ने कहा, ‘‘मुझे वहां बुलाओ, मैं आकर आपके साथ बैठूंगा।’’

कार्यक्रम में छात्राओं ने शिक्षा तक पहुंच, आर्थिक आत्मनिर्भरता, सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा और साइबर उत्पीड़न जैसे मुद्दों पर राहुल गांधी से संवाद किया।

आदिवासी समुदाय की छात्रा ने गांधी को बताया कि आदिवासी छात्र अपनी मांगों को लेकर पुणे के मंजरी इलाके में पिछले 10 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे हैं। उसने कहा कि दो छात्राएं भी इस प्रदर्शन में शामिल हैं और उनमें से एक की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

छात्रा ने कहा कि आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया था, लेकिन उन्हें बताया गया कि यह मामला मुख्यमंत्री के स्तर का है।

अधिकारियों की आलोचना करते हुए छात्रा ने कहा, ‘‘अगर आप आदिवासी छात्रों के विकास के लिए काम नहीं कर सकते, तो आपको उस कुर्सी पर बैठने का कोई अधिकार नहीं है।’’

छात्रा ने सरकारी आदिवासी छात्रावासों में रहने के लिए निर्धारित आयु सीमा बढ़ाने की मांग की। उसने कहा कि वर्तमान में छात्रों को छात्रावास में रहने की अवधि को लेकर पाबंदियों का सामना करना पड़ता है। उसने इसे बढ़ाकर 35 वर्ष करने की मांग की और कहा कि आदर्श रूप से ऐसी कोई आयु सीमा नहीं होनी चाहिए।

उसने आदिवासी आश्रम विद्यालयों की स्थिति पर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि कई संस्थानों में बिस्तर और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

छात्रा ने आश्रम विद्यालयों में केंद्रीकृत रसोई व्यवस्था की भी आलोचना की, जिसमें एक स्थान पर भोजन तैयार कर उसे लंबी दूरी तक पहुंचाया जाता है। उसने कहा कि इससे भोजन खराब होने और छात्रों के बीमार पड़ने का खतरा रहता है।

गड़चिरोली की हालिया घटना का जिक्र करते हुए छात्रा ने कहा कि सोते समय सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत हो गई थी और तीन अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसने प्रत्येक मृत छात्रा के परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की।

आदिवासी शिक्षण संस्थानों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग करते हुए छात्रा ने सवाल किया कि आश्रम विद्यालयों और अन्य आवासीय शिक्षण संस्थानों में चौबीसों घंटे एक नर्स की व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती।

छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रावास से एक महीने से अधिक समय तक दूर रहने के बाद आदिवासी छात्राओं से ‘‘स्वास्थ्य प्रमाण पत्र’’ मांगे जाते हैं और दावा किया कि इस प्रक्रिया के तहत गर्भावस्था जांच भी कराई जाती है। उसने इस व्यवस्था की जरूरत पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।

छात्रा द्वारा मंजरी में जारी अनशन का जिक्र किए जाने पर राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मुझे वहां बुलाओ, मैं आकर आपके साथ बैठूंगा।’’

कांग्रेस नेता ने यह भी संकेत दिया कि वह छात्रों के साथ शामिल होकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाएंगे।

भाषा शफीक दिलीप

दिलीप