Rahul Gandhi Latest News: ‘महिलाएं देश की ताकत, मनुस्मृति में उनकी गलत व्याख्या’.. छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी का बड़ा बयान

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'महिलाएं देश की ताकत, मनुस्मृति में उनकी गलत व्याख्या'.. Congress Leader Rahul Gandhi on Chhatron Ke Gunaj

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  • Publish Date - August 22, 2026 / 09:16 PM IST,
    Updated On - August 22, 2026 / 09:16 PM IST

नई दिल्लीः पुणे के AISSMS कॉलेज ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को मां, पत्नी या बेटी की भूमिका तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने मनुस्मृति का हवाला देते हुए कहा कि उसमें लिखा है कि बचपन में महिला पिता के अधीन, युवावस्था में पति के अधीन और पति की मृत्यु के बाद बेटों के अधीन रहती है। राहुल गांधी ने कहा कि मनुस्मृति के अनुसार महिला को कभी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत यह है कि महिलाएं स्वतंत्र हों, अपने लिए खड़ी हों और खुद पर विश्वास करें।

पुरुष महिला पर नियंत्रण क्यों रखना चाहता है?

राहुल ने एक महिला से पूछा, “एक पुरुष महिला पर नियंत्रण क्यों रखना चाहता है? क्या आपको लगता है कि पुरुष पितृसत्तात्मक व्यवस्था के ज़रिए आप पर नियंत्रण रखने की कोशिश करते हैं?” इस पर युवती ने जवाब दिया, “जब मैं खुद को देखती हूं, तो जानती हूं कि मैं एक इंसान हूं। मुझे गुस्सा आता है जब मुझे लोगों की यह बात सुननी पड़ती है कि ‘तुम तो बस एक औरत हो।’ मुझसे कहा जाता है, ‘तुम लड़की हो और खूबसूरत हो; कोई तुमसे शादी कर लेगा और तुम अच्छी जिंदगी जीओगी।’

महिलाओं को हिस्सा देना एहसान नहीं होना चाहिए

राहुल ने एक और युवती से पूछा, “अगर आपका भाई अपना हिस्सा मांगता है, तो उसे अधिकार कहा जाता है। लेकिन अगर आप मांगती हैं, तो उसे ‘हिस्सा मांगना’ कहा जाता है।” आखिर ऐसा क्यों है? युवती ने जवाब दिया, “परिवार बस यही चाहते हैं कि महिला 9-से-5 की नौकरी करे, फिर घर आकर घर का काम करे और खाना बनाए।” बच्चों का ध्यान रखें। महिलाओं को हिस्सा दिया जाना आज भी एहसान के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए।

मर्द कंट्रोल क्यों करना चाहते हैं?- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने युवती से पूछा, “एक मर्द औरत को कंट्रोल क्यों करना चाहता है? क्या आपको लगता है कि मर्द पितृसत्तात्मक व्यवस्था के तहत आपको कंट्रोल करना चाहता है?” इस पर युवती ने जवाब दिया, “जब मैं खुद को देखती हूं, तो मुझे पता है कि मैं एक इंसान हूं। मुझे गुस्सा आता है जब मुझे लोगों की यह बात सुननी पड़ती है कि ‘लेकिन तुम तो औरत हो।’ मुझसे कहा जाता है, ‘तुम लड़की हो, तुम खूबसूरत हो, इसलिए कोई तुमसे शादी कर लेगा, और तुम अच्छी जिंदगी जियोगी।’ युवती ने कहा कि लेकिन समय बदल रहा है। अब उन्हें अपना करियर बनाने दिया जा रहा है।