संकट के समय कीमतें बढ़ाने को लेकर संजय यादव का हमला, सरकार से की सख्त रुख की मांग

संकट के समय कीमतें बढ़ाने को लेकर संजय यादव का हमला, सरकार से की सख्त रुख की मांग

संकट के समय कीमतें बढ़ाने को लेकर संजय यादव का हमला, सरकार से की सख्त रुख की मांग
Modified Date: March 27, 2026 / 01:16 pm IST
Published Date: March 27, 2026 1:16 pm IST

नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) राज्यसभा में राष्ट्रीय जनता दल के सांसद संजय यादव ने शुक्रवार को पहलगाम आतंकी हमले का हवाला देते हुए एयरलाइनों और निजी सेवा प्रदाताओं पर संकट के समय में ‘दामों में वृद्धि कर मुनाफाखोरी’ करने का आरोप लगाया तथा सरकार से इस प्रवृत्ति पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए यादव ने प्रधानमंत्री के नारे का उल्लेख करते हुए कहा, “हम सभी ‘आपदा में अवसर’ का नारा याद रखते हैं, लेकिन आज यह नारा खतरनाक रूप ले चुका है।”

उन्होंने कहा कि श्रीनगर से दिल्ली का हवाई किराया सामान्यतः 6,000 से 8,000 रुपये के बीच होता है, लेकिन पहलगाम हमले के बाद भयभीत पर्यटकों के शहर छोड़ने की कोशिश के दौरान यह किराया बढ़कर 60,000 से 80,000 रुपये तक पहुंच गया।

उन्होंने कहा, “पहलगाम में हमले के दौरान जिन लोगों ने गोलियों की आवाज सुनी, जो अपने बच्चों के साथ सुरक्षित निकलना चाहते थे—उनके डर का फायदा उठाकर 60,000 से 80,000 रुपये वसूलना नैतिक दिवालियापन का जीवंत उदाहरण है।”

यादव ने कहा कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि यह बार बार दोहराई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान ‘डायनेमिक प्राइसिंग’ के नाम पर टिकटों के दाम कई गुना बढ़ जाते हैं, राशन और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ती हैं, एम्बुलेंस सेवाएं दरें बढ़ा देती हैं और ऐप-आधारित कैब एग्रीगेटर सामान्य किराए से पांच-छह गुना अधिक तक वसूली करते हैं।

उन्होंने कहा, “जितना ज्यादा डर, उतनी ज्यादा ठगी।”

सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “ऐसे समय में सरकार कहां होती है? उसका क्या रुख है?”

उन्होंने इस स्थिति को केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि “राजनीतिक, नैतिक और सामाजिक विफलता” बताया।

यादव ने सवाल किया, “क्या हम ऐसा समाज चाहते हैं जहां बाढ़ सेवा लेकर आए या ऐसा जहां बाढ़ व्यापार लेकर आए?”

उन्होंने सरकार से अपील की कि संकट के समय वह जनता के साथ खड़ी हो, “पीछे नहीं।”

भाषा मनीषा माधव

माधव


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