Sara Ali Khan Kedarnath Yatra Affidavit || Image- The Statesman FILE
नई दिल्ली: केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा समेत चार धाम के 47 मंदिरों में गैर-सनातनियों की एंट्री बैन करने और गैर-हिन्दुओ के लिए शपथ पत्र अनिवार्य किये जाने के बीकेटीसी के फैसले पर अब सियासत शुरू हो गई है। (Sara Ali Khan Kedarnath Yatra Affidavit) इस मामले में बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री और भाजपा की सांसद कंगना रनौत का बयान सामने आया है। उन्होंने सरकार और मंदिर समिति के इस फैसले का स्वागत किया है।
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि, “यहां जो भी है, सब सनातनी हैं। फिर सच्चाई लिखने में डर कैसा?”
#WATCH | ” Sab sanatani hain…Yahan jo bhi hain sanatani hain…Wo bhi sanatani hai, so why fear in writing down the truth,” says BJP MP Kangana Ranaut, on reports of Badrinath, Kedarnath Temple Committee Chairman asking actor Sara Ali Khan to submit an affidavit to offer… pic.twitter.com/Zz5V4bsnai
— ANI (@ANI) March 18, 2026
वही इस फैसले पर विपक्षी नेताओं की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इस मुद्दे पर कहा कि, “प्रार्थना और उपासना आस्था के विषय हैं। किसी भी धर्म के लोग कहीं भी जा सकते हैं, चाहे आप शिरडी साई बाबा जाएं या अजमेर शरीफ। (Sara Ali Khan Kedarnath Yatra Affidavit) इसके लिए प्रमाण पत्र देना भारत में कभी परंपरा नहीं रही है, और मैं इसे सही नहीं मानता।”
Delhi: On actress Sara Ali Khan being asked to submit an affidavit if she wishes to offer prayers at Badrinath and Kedarnath, Purnia MP Pappu Yadav says, “Prayer and worship are matters of faith anywhere… People of any religion can go anywhere, whether you go to Shirdi Sai Baba… pic.twitter.com/r0oplUi8dJ
— IANS (@ians_india) March 18, 2026
दरअसल उत्तराखंड के छोटे चारधाम यात्रा के मद्देनजर, बद्री-केदार मंदिर समिति ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। समिति ने घोषणा की है कि अब से बदरीनाथ, केदारनाथ समेत 47 मंदिरों में गैर-सनातनियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। बताया गया है कि, यह निर्णय सनातन धर्म के अनुशासन और आस्थाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस आदेश का उद्देश्य धार्मिक आस्थाओं को संरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि मंदिरों के गर्भगृह में मोबाइल फोन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। (Sara Ali Khan Kedarnath Yatra Affidavit) इसके अलावा, मंदिर परिसर में फोटोग्राफी के लिए सीमित स्थान तय किए जाएंगे, ताकि भक्तों को कोई परेशानी न हो और धार्मिक माहौल बनाए रखा जा सके।
इसके साथ ही, हेमंत द्विवेदी ने एक और महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से हो, सनातन धर्म में अपनी आस्था व्यक्त करता है और एक शपथ पत्र देता है, तो उसे मंदिर में दर्शन करने की अनुमति दी जा सकती है। यह कदम उन लोगों के लिए है जो सनातन धर्म में विश्वास रखते हैं और मंदिरों में आस्था रखते हैं।
इस निर्णय को लेकर भक्तों और श्रद्धालुओं के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं आई हैं, (Sara Ali Khan Kedarnath Yatra Affidavit) लेकिन समिति का मानना है कि यह फैसला धार्मिक स्थलों की पवित्रता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
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