कॉजपा के सौरभ दास ने घर में यूट्यूबरों के घुसने के बाद सुरक्षा खतरे का आरोप लगाया

कॉजपा के सौरभ दास ने घर में यूट्यूबरों के घुसने के बाद सुरक्षा खतरे का आरोप लगाया

कॉजपा के सौरभ दास ने घर में यूट्यूबरों के घुसने के बाद सुरक्षा खतरे का आरोप लगाया
Modified Date: August 5, 2026 / 10:36 pm IST
Published Date: August 5, 2026 10:36 pm IST

नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने बुधवार को आरोप लगाया कि यूट्यूबर और मीडियाकर्मियों के एक समूह ने उनके आवास में घुसकर अंदर की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए। इस घटना को अपने परिवार के लिए गंभीर सुरक्षा खतरा बताते हुए उन्होंने दिल्ली पुलिस से हस्तक्षेप की अपील की है।

महाराष्ट्र में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) की दो-दिवसीय बैठक में शामिल होने की बात कहने वाले दास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में आरोप लगाया कि बुधवार सुबह 15-20 लोग उनके आवास पर पहुंच गए, जबकि कुछ लोग पिछली रात से ही बाहर डेरा डाले हुए थे।

दास ने कहा, ‘कुछ यूट्यूबर और मीडिया चैनल जबरन मेरे घर में घुस गए और अंदर के दृश्य दिखा रहे हैं। यह न केवल मेरी निजता का हनन है, बल्कि मेरे और मेरे परिवार के लिए एक गंभीर सुरक्षा खतरा भी है।’

संभावित परिणामों के प्रति आगाह करते हुए दास ने कहा, ‘अगर इसके परिणामस्वरूप कोई असामाजिक तत्व मेरे आवास पर मुझ पर हमला करता है, तो ये यूट्यूबर और उनका तालमेल बिठाने वाले आलोचक (सोशल मीडिया पर सक्रिय) इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।’

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि इन वीडियो के कारण ‘असामाजिक तत्व और गुंडे सक्रिय हो गए हैं’ जिससे घर में रहने वाले सभी लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

यह मामला संसद में भी उठा। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि उसने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया है।

तृणमूल के राज्यसभा नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने ‘एक्स’ पर कार्यवाही का एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि पार्टी ने सांसद राजीव कुमार के माध्यम से सदन में यह मुद्दा उठाया। दास ने ओ’ब्रायन के पोस्ट पर जवाब देते हुए इस हस्तक्षेप के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी ‘एक्स’ पर दास की पोस्ट को पुनः साझा करते हुए प्रतिक्रिया दी, ‘‘यह मोदी जी का असली चेहरा है।’’

कॉजपा ने कथित परीक्षा पत्र लीक मामले को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रभावित छात्रों के लिए मुआवजे की मांग को लेकर 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन शुरू किया था।

एक महीने से अधिक समय तक चला यह विरोध प्रदर्शन 25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफे और प्रदर्शनकारियों की कई मांगों पर केंद्र के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ था। यह संगठन फिलहाल अपनी भावी रणनीति तय करने के लिए महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर रहा है।

भाषा सुमित सुरेश

सुरेश


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