अशोभनीय, अपमानजनक भाषा बोलना द्रमुक के डीएनए में : तमिलनाडु के मंत्री रमेश

अशोभनीय, अपमानजनक भाषा बोलना द्रमुक के डीएनए में : तमिलनाडु के मंत्री रमेश

अशोभनीय, अपमानजनक भाषा बोलना द्रमुक के डीएनए में : तमिलनाडु के मंत्री रमेश
Modified Date: September 14, 2026 / 04:28 pm IST
Published Date: September 14, 2026 4:28 pm IST

चेन्नई, 14 सितंबर (भाषा) तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती (एचआरएंडसीई) मंत्री एस. रमेश ने सोमवार को कहा कि ‘‘अशोभनीय और अपमानजनक’’ भाषा का इस्तेमाल करना विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के मूल चरित्र में है।

उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

यहां पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करना लोकतंत्र में मौलिक अधिकार है, लेकिन राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान अभद्र भाषा के इस्तेमाल की उन्होंने कड़ी निंदा की।

उनकी यह टिप्पणी द्रमुक के वरिष्ठ नेता ए. राजा द्वारा एक दिन पहले यहां पार्टी के आंदोलन के दौरान राज्य के कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार के खिलाफ कथित तौर पर व्यक्तिगत टिप्पणी किए जाने के बाद आई।

रमेश ने कहा, ‘‘अशोभनीय, अपमानजनक भाषा बोलना और झूठ फैलाना द्रमुक के डीएनए में है। अगर वे ऐसा नहीं करें तो हैरानी होगी। हम लगातार इस संस्कृति का विरोध कर रहे हैं।’’

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पार्टी में ऐसी संस्कृति को बढ़ावा दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘इसका सबसे बड़ा उदाहरण उनका अपना बेटा है। वह लगातार दोहरे अर्थ वाली टिप्पणियां करता है, घटिया आलोचनाएं करता है और मंत्रियों के बारे में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करता है।’’

द्रमुक के एक पूर्व एचआरएंडसीई मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री के लिए कथित तौर पर अनादरपूर्ण एकवचन संबोधन के इस्तेमाल संबंधी सवाल पर रमेश ने कहा कि सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री, महिलाओं या आम जनता के बारे में अपमानजनक तरीके से बोलने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जब आपकी बातों में ‘अरम’ (नैतिकता) नहीं है तो आपके पास एचआरएंडसीई विभाग के प्रबंधन की योग्यता कैसे हो सकती है?’’

रमेश ने अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के पिछले तीन महीनों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ने के आरोपों को भी खारिज किया।

उन्होंने कानून-व्यवस्था बिगड़ने के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मौजूदा सरकार पहले से चली आ रही व्यवस्थागत समस्याओं को दूर करने के लिए सक्रियता से काम कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या इन तीन महीनों में अचानक अपराध बढ़ गए? हम पिछले पांच वर्षों से कानून-व्यवस्था में जारी गिरावट का असर देख रहे हैं। मुख्यमंत्री विजय महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘सिंगप्पेन’ विशेष कार्यबल और एक समर्पित मादक पदार्थ निरोधक प्रकोष्ठ गठित कर त्वरित एवं ठोस कदम उठा रहे हैं।’’

रमेश ने मुख्यमंत्री की प्रशासनिक पहलों की भी सराहना की और कहा कि वह स्थानीय प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रोत्साहित करके तमिलनाडु के खेलों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के प्रयास कर रहे हैं।

भाषा

मनीषा

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