अवैध निर्माण से जुड़ी लंबित अपीलों का दो हफ़्ते में निपटारा करे जेडीएटी: उच्चतम न्यायालय

अवैध निर्माण से जुड़ी लंबित अपीलों का दो हफ़्ते में निपटारा करे जेडीएटी: उच्चतम न्यायालय

अवैध निर्माण से जुड़ी लंबित अपीलों का दो हफ़्ते में निपटारा करे जेडीएटी: उच्चतम न्यायालय
Modified Date: August 6, 2026 / 12:58 pm IST
Published Date: August 6, 2026 12:58 pm IST

जयपुर, छह अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने जयपुर विकास अपीलीय न्यायाधिकरण (जेडीएटी) से कहा है कि वह शहर में कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण से जुड़ी सभी लंबित अपीलों पर दो हफ़्ते के भीतर निर्णय करे।

न्यायालय ने इसके अनुपालन के लिए न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बताया है।

न्यायालय ने पांच अगस्त के एक आदेश में ये निर्देश दिए। मामले में इस तरह चिंताएं जताई गई थीं कि न्यायाधिकरण द्वारा कई मामलों में दी गई अंतरिम राहत के कारण जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा अनाधिकृत निर्माण/ढांचों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई में देरी हो रही है।

जेडीए के अनुसार आवासीय कॉलोनियों की मंजूरी के नियमों के तहत प्राधिकरण को सौंपी गई कृषि या मुक्त भूमि पर कथित तौर पर अतिक्रमण किया गया है। वहां बिना जरूरी मंजूरी के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और एक रिज़ॉर्ट समेत कई वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बना लिए गए हैं।

जेडीए ने इन कथित निर्माणों को गिराने और सील करने की कार्रवाई शुरू की थी। हालांकि प्रभावित पक्षों ने जेडीएटी का दरवाज़ा खटखटाया और अंतरिम राहत प्राप्त कर ली और कार्रवाई रुक गई।

उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि जेडीएटी के पीठासीन अधिकारी महावीर प्रसाद गुप्ता द्वारा 30 जुलाई को पारित अंतरिम आदेश ने जेडीए को अंतिम फैसले तक दंडात्मक कार्रवाई करने से रोक दिया। बाद में प्रवर्तन टीमों के सामने इस आदेश का हवाला दिया गया जिससे तोड़-फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई रुक गई।

न्यायालय ने ऐसी अपीलों के निपटारे में देरी पर चिंता जताई। अब न्यायाधिकरण से कहा गया है कि वह सुनवाई में तेज़ी लाए और यह सुनिश्चित करे कि ऐसे मामलों में सभी लंबित अपीलों का फैसला दो हफ़्ते के भीतर हो जाए।

अधिकारियों ने कहा कि इस मुद्दे ने जयपुर के मास्टर प्लान के पालन पर भी ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने जोर दिया कि जमीन का इस्तेमाल मंज़ूर किए गए नियमों के अनुसार ही होना चाहिए।

भाषा पृथ्वी रंजन

रंजन


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