न्यायालय ने ‘वोट के बदले नकदी’ मामले को स्थानांतरित करने से किया इनकार

न्यायालय ने ‘वोट के बदले नकदी’ मामले को स्थानांतरित करने से किया इनकार

न्यायालय ने ‘वोट के बदले नकदी’ मामले को स्थानांतरित करने से किया इनकार
Modified Date: September 20, 2024 / 01:11 pm IST
Published Date: September 20, 2024 1:11 pm IST

नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और अन्य की कथित संलिप्तता वाले वर्ष 2015 के ‘वोट के बदले नकदी’ मामले की सुनवाई को तेलंगाना से भोपाल स्थानांतरित करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।

उच्चतम न्यायालय ने यह आदेश भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) विधायक गुंटाकांडला जगदीश रेड्डी और अन्य तीन द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया जिसमें इस मामले की सुनवाई को तेलंगाना से भोपाल स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया था।

उच्चतम न्यायालय ने ए रेवंत रेड्डी को अभियोजन के कामकाज में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने निर्देश दिया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के महानिदेशक मामले के अभियोजन के संबंध में तेलंगाना के मुख्यमंत्री को कोई रिपोर्ट नहीं देंगे।

रेड्डी की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि वर्ष 2015 के ‘वोट के बदले नकदी’ मामले की सुनवाई स्थानांतरित करने के अनुरोध वाली याचिका ‘राजनीतिक मकसद’ से दायर की गई है।

उच्चतम न्यायालय ने रेड्डी की उस टिप्पणी पर भी कड़ी नाराजगी जताई जिसमें उन्होंने न्यायालय द्वारा बीआरएस नेता के कविता को दिल्ली आबकारी नीति में कथित घोटाले में जमानत देने के बाद टिप्पणी की थी। न्यायालय ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह उम्मीद की जाती है कि संविधान के सभी तीनों स्तंभ एक-दूसरे के कामकाज के प्रति परस्पर सम्मान दिखाएंगे।

पीठ ने रेड्डी द्वारा अदालत से माफी मांगने वाले संबंधी हलफनामे पर गौर करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर आगे नहीं बढ़ना चाहती।

पीठ ने कहा, ”हम इस मामले में आगे नहीं बढ़ना चाहते। हम सभी संवैधानिक पदाधिकारियों, विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका को केवल यह चेतावनी दे सकते हैं कि वे संविधान द्वारा उनके लिए निर्धारित क्षेत्रों में अपने संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन करें।”

पीठ ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि फैसले की निष्पक्ष आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन किसी को भी सीमाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।

तत्कालीन तेलुगू देशम पार्टी में रहे रेवंत रेड्डी को एसीबी ने विधानपरिषद चुनाव में तेदेपा उम्मीदवार वेम नरेन्द्र रेड्डी का समर्थन करने के लिए मनोनीत विधायक एल्विस स्टीफेंसन को 50 लाख रुपये की रिश्वत देते हुए 31 मई 2015 को पकड़ा था।

एसीबी ने इस मामले में रेवंत रेड्डी के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में सभी को जमानत मिल गई थी।

भाषा प्रीति नरेश

नरेश


लेखक के बारे में