न्यायालय सुपरटेक की 16 आवासीय परियोजनाओं के मामले में एनबीसीसी की याचिका पर सुनवाई को तैयार

न्यायालय सुपरटेक की 16 आवासीय परियोजनाओं के मामले में एनबीसीसी की याचिका पर सुनवाई को तैयार

न्यायालय सुपरटेक की 16 आवासीय परियोजनाओं के मामले में एनबीसीसी की याचिका पर सुनवाई को तैयार
Modified Date: August 17, 2026 / 08:15 pm IST
Published Date: August 17, 2026 8:15 pm IST

नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सरकारी कंपनी एनबीसीसी की उस याचिका पर सुनवाई के लिए सोमवार को सहमति जताई जिसमें कर्ज में डूबी सुपरटेक लिमिटेड की 16 आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 (रेरा) के वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन से छूट देने से इनकार के राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलएटी) के आदेश को चुनौती दी गई है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) लिमिटेड की ओर से दायर याचिका पर केंद्र सरकार और सुपरटेक के पूर्व निदेशक राम किशोर अरोड़ा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

एनबीसीसी की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि मामला भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुपालन से छूट से संबंधित है।

पीठ ने कहा कि वह इस मामले पर 24 सितंबर को विचार करेगी और इसकी सुनवाई अन्य लंबित मामलों के साथ की जाएगी।

एनसीएलएटी ने 22 मई को एनबीसीसी को रेरा के प्रावधानों से छूट देने का निर्देश देने से इनकार कर दिया था। अधिकरण ने कहा था कि वह वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन से किसी तरह की छूट देने के लिए सक्षम नहीं है।

शीर्ष अदालत द्वारा पांच फरवरी को दी गई छूट के बाद एनबीसीसी ने अधिकरण द्वारा लगाई गई शर्तों से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए एनसीएलएटी का रुख किया था।

इससे पहले, पांच फरवरी को उच्चतम न्यायालय ने करीब दो दशक से अपना घर मिलने का इंतजार कर रहे हजारों परेशान घर खरीदारों के पक्ष में फैसला सुनाया था।

अदालत ने एनसीएलएटी के उस आदेश को बरकरार रखा था जिसमें एनबीसीसी को सुपरटेक की 16 आवासीय परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया था।

इन परियोजनाओं में करीब 27,000 घर खरीदार अपने मकान मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

एनसीएलएटी ने एनबीसीसी को “31 मार्च, 2025 से पहले काम सौंपने की प्रक्रिया शुरू करने” और उसके एक महीने के भीतर ठेका देने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था। अधिकरण ने यह भी कहा था कि 16 परियोजनाओं में निर्माण कार्य एक मई, 2025 से शुरू किया जाए।

एनबीसीसी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), देहरादून और बेंगलुरु में शुरू की गई परियोजनाओं को पूरा करने की पहल की थी। हालांकि, रियल एस्टेट कंपनी के वित्तीय संकट में फंसने के कारण इन आवासीय इकाइयों का निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। 2021 से कंपनी के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू हुई।

एनबीसीसी ने सुपरटेक की लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अपनी शर्तें एनसीएलएटी के समक्ष रखी थीं। सरकारी कंपनी ने इन परियोजनाओं को तीन चरणों में पूरा करने का प्रस्ताव दिया था।

भाषा खारी नरेश

नरेश


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