कॉजपा प्रदर्शन का दूसरा दिन: दीपके ने किसानों से मांगा समर्थन
कॉजपा प्रदर्शन का दूसरा दिन: दीपके ने किसानों से मांगा समर्थन
नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में जारी आंदोलन के दूसरे दिन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किसानों से भी समर्थन की अपील की।
उन्होंने कहा कि छात्र किसानों के अधिकारों की लड़ाई में हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं और अब उन्हें किसानों की एकजुटता की आवश्यकता है।
हालांकि शनिवार को इस विरोध-प्रदर्शन में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया, लेकिन शाम के समय पुलिस ने मौजूद लोगों से स्थल खाली करने को कहा। पुलिस ने बताया कि सभा के लिए दी गई अनुमति शाम पांच बजे समाप्त हो गई थी।
दीपके और कई अन्य प्रदर्शनकारी रात भर वहीं रहे और जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखा। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की अपनी मांग भी दोहराई।
दीपके ने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पुनर्परीक्षा देने वाले छात्रों से परीक्षा के बाद प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया।
दीपके ने रविवार को लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह करते हुए कहा, ‘हम मोर्चा संभाले हुए हैं, लेकिन आपके समर्थन के बिना यह मुहिम सफल नहीं होगी।’
दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन के लिए दी गई अनुमति की समयसीमा शनिवार शाम पांच बजे समाप्त हो गई है तथा उसने प्रदर्शनकारियों को स्थल खाली करने के लिए भी कहा, इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहा।
दीपके ने पुलिस से विरोध प्रदर्शन के लिए एक अलग स्थल आवंटित करने को कहा है लेकिन तब तक वे जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखेंगे।
उन्होंने ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में पुलिस से लोगों को जंतर-मंतर आने से नहीं रोकने की अपील करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी कुछ भी गलत नहीं कर रहे हैं और वे केवल उन छात्रों के लिए न्याय मांग रहे हैं जिन्होंने आत्महत्या की है।
इसके साथ ही दीपके ने अधिकारियों से मौके पर सार्वजनिक शौचालयों में पानी की आपूर्ति बहाल करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने दावा किया कि शनिवार रात से वहां पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने इससे पहले आरोप लगाया था कि विरोध स्थल की बत्तियां बंद कर दी गई थीं और पानी, भोजन तथा शौचालयों तक उनकी पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया गया था।
हालांकि, उन्होंने बाद में बताया कि पीने के पानी की पहुंच बहाल कर दी गई और बत्तियां वापस चालू कर दी गईं।
दिल्ली पुलिस ने शनिवार रात दीपके और प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल खाली करने का निर्देश देते हुए कहा था कि धरने की अनुमति केवल सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक के लिए दी गई थी।
पुलिस ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्रदर्शन जारी रखना अनुमति की शर्तों का उल्लंघन है। पुलिस ने चेतावनी दी थी कि ऐसा जारी रहने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रात बढ़ने के साथ ही दीपके और प्रदर्शनकारी स्थल पर डटे रहे, जिससे यह प्रदर्शन रातभर चलने वाले धरने में तब्दील हो गया।
प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शन स्थल पर रातभर समर्थकों की मौजूदगी लगातार बनी रही। इस दौरान दीपके भी लगातार लोगों को संबोधित करते रहे और अधिक से अधिक लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करते रहे।
दीपके ने कहा कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा और केंद्र के साथ बातचीत की अपनी अपील दोहराते हुए कहा कि यदि जवाबदेही तय की जाए और शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे दें तो बातचीत के रास्ते खुले हैं।
यह विरोध प्रदर्शन शनिवार दोपहर को शुरू हुआ था।
दीपके के ‘थाली और चम्मच’ लाने के आह्वान के बाद सैकड़ों समर्थक, जिनमें से अधिकांश युवा थे, जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए चम्मचों से थालियां बजायीं।
दीपके ने पेपर लीक और प्रवेश परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए एक. एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है।
भाषा प्रचेता नरेश
नरेश

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