भारद्वाज की हिरासत के बाद संसद मार्ग थाने और पटियाला हाउस अदालत के बाहर सुरक्षा कड़ी की गई

भारद्वाज की हिरासत के बाद संसद मार्ग थाने और पटियाला हाउस अदालत के बाहर सुरक्षा कड़ी की गई

भारद्वाज की हिरासत के बाद संसद मार्ग थाने और पटियाला हाउस अदालत के बाहर सुरक्षा कड़ी की गई
Modified Date: September 5, 2026 / 03:03 pm IST
Published Date: September 5, 2026 3:03 pm IST

नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) हिरासत में लिए गए हिंदूवादी ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थकों द्वारा प्रदर्शन का आह्वान किए जाने के बीच शनिवार को संसद मार्ग थाने के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई, अवरोधक लगा दिए गए और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, भारद्वाज को अदालत में पेश किए जाने के दौरान पटियाला हाउस अदालत के बाहर भी इसी तरह सुरक्षा व्यवस्था की गई। अदालत ने भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

सुरक्षा के ये इंतजाम दिल्ली पुलिस द्वारा भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद किए गए हैं।

भारद्वाज को जुलाई में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर हुए कथित हमले के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है।

कॉजपा के प्रतिनिधियों द्वारा पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग किए जाने के कुछ ही घंटों बाद शुक्रवार को कई टीम तैनात कर उन्हें बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि थाने के बाहर लोगों के जुटने की आशंका को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, एहतियात के तौर पर थाने के आसपास रणनीतिक स्थानों पर अवरोधक लगाए गए हैं और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।

दिल्ली पुलिस ने कथित हमले के मामले में दर्ज प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी की धाराएं भी शुक्रवार को जोड़ी थीं।

इसके अलावा, नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत एक नयी प्राथमिकी भी दर्ज की गई है, जिसमें ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधान शामिल किए गए हैं।

यह कार्रवाई भारद्वाज के उस साक्षात्कार के बाद शुरू हुए आक्रोश के उपरांत हुई है, जिसमें उसने दावा किया था कि उन्होंने 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान नाबालिग कार्यकर्ता के पिता का ‘‘सिर फोड़ दिया था’’।

हालांकि, बाद में एक पॉडकास्ट में भारद्वाज ने दावा किया कि उन्होंने आत्मरक्षा में यह कदम उठाया था।

दिल्ली पुलिस ने इससे पहले कहा था कि संजय कुमार को लगी चोटें ‘‘सामान्य’’ प्रकृति की थीं।

कॉजपा ने भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था और मामले में हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी तथा एससी/एसटी अधिनियम की धाराएं जोड़ने की मांग की थी।

भाषा खारी नेत्रपाल

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