आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में अलगाववादी शब्बीर शाह की जमानत याचिका पर 13 जनवरी को सुनवाई

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में अलगाववादी शब्बीर शाह की जमानत याचिका पर 13 जनवरी को सुनवाई

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में अलगाववादी शब्बीर शाह की जमानत याचिका पर 13 जनवरी को सुनवाई

Raipur News/ image source: IBC24

Modified Date: January 7, 2026 / 06:13 pm IST
Published Date: January 7, 2026 6:13 pm IST

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की जमानत याचिका पर 13 जनवरी को सुनवाई करेगा।

यह याचिका न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई। वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्वेस अलगाववादी नेता की ओर से पेश हुए।

गोंजाल्वेस ने जैसे ही अपनी दलीलें शुरू कीं, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि व्यक्तिगत कारणों के चलते उन्हें कुछ कठिनाई हो रही है।

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लूथरा ने कहा कि गोंजाल्वेस को इस मामले पर बहस करने में कुछ समय लग सकता है।

पीठ ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह करेगी।

पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘आज हमारे समक्ष भी कुछ कठिनाई है क्योंकि हमारे पास सीमित समय है।’’ इसके साथ ही न्यायालय ने मामले की सुनवाई 13 जनवरी के लिए तय कर दी।

शब्बीर ने पिछले साल 12 जून को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा जमानत देने से इनकार किये जाने संबंधी आदेश को चुनौती दी है।

एनआईए ने पिछले महीने उच्चतम न्यायालय को बताया था कि मामले में गवाहों से पूछताछ जारी है।

शीर्ष अदालत ने चार सितंबर को शब्बीर को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था और उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर एनआईए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

उच्च न्यायालय ने अलगाववादी नेता को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि उसके द्वारा इसी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने और गवाहों को प्रभावित करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

शब्बीर को एनआईए ने चार जून 2019 को गिरफ्तार किया था।

एनआईए ने पथराव करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के आरोप में 12 लोगों के खिलाफ 2017 में मामला दर्ज किया था।

शब्बीर पर जम्मू कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन को बढ़ावा देने में ‘‘महत्वपूर्ण भूमिका’’ निभाने का आरोप है।

भाषा सुभाष सुरेश

सुरेश


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