मानसून की भारी बारिश से हिमाचल, कर्नाटक में सात लोगों की मौत, जनजीवन प्रभावित
मानसून की भारी बारिश से हिमाचल, कर्नाटक में सात लोगों की मौत, जनजीवन प्रभावित
नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) मानसून की बारिश ने बुधवार को देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि भूस्खलन, जलभराव और परिवहन सेवाओं में व्यवधान के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन ठप हो गया।
उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और चार बच्चों समेत आठ अन्य लोग झुलस गए।
महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में बारिश के बीच नवी मुंबई में नेरुल के एलपी ब्रिज के पास जलभराव वाली सड़क पर बिजली के तार की चपेट में आने से दो लड़कियों को करंट लग गया। हालांकि, वे बाल-बाल बच गईं और एक बड़ा हादसा टल गया।
अरुणाचल प्रदेश अचानक आई बाढ़ के बाद की स्थिति से जूझ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आने वाले दिनों में दक्षिण बंगाल में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
वहीं, इस बारिश ने कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस झेल रहे पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लोगों को राहत पहुंचाई। दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तराखंड के सभी हिस्सों में पहुंच गया है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। राज्य के शिमला, मनाली और धर्मशाला समेत कई क्षेत्रों में भारी वर्षा हुई, जिससे कई सड़कें बंद हो गईं, नदियों का जलस्तर बढ़ गया और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई।
शिमला स्थित मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार को हिमाचल पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून बुधवार तक पूरे राज्य में छा गया। विभाग ने दो से छह जुलाई के बीच (चार जुलाई को छोड़कर) कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
गर्मी के कारण बंद हुए सरकारी और निजी स्कूल फिर से खुल गए, लेकिन भारी बारिश के कारण स्कूलों में उपस्थिति कम रही।
अधिकारियों के अनुसार मंडी में 28 मार्गों को बंद कर दिया गया, कुल्लू में 12 और लाहौल एवं स्पीति तथा ऊना जिलों में दो-दो मार्गों को बंद किया गया।
सोलन जिले की एक महिला की उस समय मौत हो गई, जब औट के पास चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार से बाहर निकलते समय वह गिरते चट्टान की चपेट में आ गई।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, मानसून की पहली बारिश के दिन कांगड़ा जिले में तीन लोगों की मौत दर्ज की गई। इनमें एक व्यक्ति की मौत करंट लगने से और एक अन्य की ऊंचाई से गिरने के कारण हुई।
कर्नाटक के मंगलुरु में तड़के हुई भारी बारिश के कारण भूस्खलन से एक मकान ढह गया। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों, जिनमें दो बच्चियां भी शामिल हैं, की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
कर्नाटक के मंगलुरु में तड़के हुई भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से एक मकान ढह गया। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों, जिनमें दो बच्चियां भी शामिल थीं, की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
महाराष्ट्र में भारी बारिश ने ठाणे, पालघर जिलों और मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में व्यापक असर डाला। कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया और नालों में उफान से विभिन्न क्षेत्रों में लोग फंस गए।
अधिकारियों ने पालघर जिले के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है और अगले 24 घंटों में अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान जताया है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, ठाणे जिले में भी अगले तीन दिनों तक बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
ठाणे जिले के उल्हासनगर क्षेत्र में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया। इसके चलते जीजामाता क्षेत्र में रहने वाली 70-वर्षीय एक महिला कई घंटों तक अपने घर में फंसी रही, जिसे बाद में दमकल कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
आईएमडी ने मुंबई के लिए भी ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। अगले कुछ दिनों के दौरान शहर में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
बारिश के कारण तीन उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा। एक अधिकारी ने बताया कि वे सभी मुंबई लौट आई हैं।
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में स्थित मचैल माता और मिंधल माता मंदिर की तीर्थयात्रा भारी बारिश और खराब मौसम की वजह से स्थगित कर दी गई।
आईएमडी ने कहा कि तीन जुलाई को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से दक्षिण बंगाल में भारी वर्षा हो सकती है। वहीं, पिछले कई दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जूझ रहे उप-हिमालयी जिलों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने कहा कि कि हवा की अनुकूल स्थिति और बंगाल की खाड़ी से बड़ी मात्रा में नमी आने के कारण के कारण दक्षिण बंगाल के कुछ ज़िलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। चार से सात जुलाई के बीच दक्षिण बंगाल के कई ज़िलों में भारी बारिश हो सकती है।
बाढ़ से प्रभावित अरुणाचल प्रदेश में, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और किरेन रीजीजू ने राज्य को राहत, पुनर्वास और बाढ़ से निपटने के प्रयासों में केंद्र की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
अरुणाचल प्रदेश में पिछले सात दिनों में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से चार लोगों की मौत हो गई है, 21 लोग घायल हुए हैं और दो लोग लापता हैं।
दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तराखंड के सभी हिस्सों में पहुंच गया है। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार के लिए देहरादून सहित पांच जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले दो दिनों में दिल्ली पहुंचने की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार, मानसून के गुजरात में और आगे बढ़ने के साथ ही दक्षिणी क्षेत्र के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। इसके कारण विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई और जनजीवन प्रभावित हुआ।
दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी और वलसाड ज़िलों के कुछ हिस्सों के साथ-साथ सौराष्ट्र क्षेत्र के ज़िलों में भी बारिश दर्ज की गई।
आईएमडी ने पांच जुलाई तक दक्षिण गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश और कहीं-कहीं बहुत ज़्यादा बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही सात जुलाई तक कई ज़िलों में काफ़ी ज़्यादा या व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान भी जताया है।
भाषा आशीष सुरेश
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