शाह का आरोप- ममता घुसपैठियों को बचा रहीं; कहा- बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे

शाह का आरोप- ममता घुसपैठियों को बचा रहीं; कहा- बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे

शाह का आरोप- ममता घुसपैठियों को बचा रहीं; कहा- बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे
Modified Date: April 21, 2026 / 06:45 pm IST
Published Date: April 21, 2026 6:45 pm IST

शालबनी (प. बंगाल) 21 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ‘‘घुसपैठियों को संरक्षण’, और वंशवादी राजनीति को बढ़ावा दे रही हैं तथा राज्य में बाबरी मस्जिद के समान मस्जिद बनाने के प्रयासों का समर्थन कर रही हैं, जिसे भाजपा किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगी।

शाह ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के शालबनी में चुनाव के पहले चरण से पहले एक रैली को संबोधित करते हुए इस चुनावी मुकाबले को सीधे भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच वैचारिक लड़ाई के रूप में पेश करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ‘‘घुसपैठ और भ्रष्टाचार से पश्चिम बंगाल को मुक्त कराने’’ का लेकर है।

उन्होंने कहा, ‘‘ममता दीदी घुसपैठियों को बचाना चाहती हैं। लेकिन मैं आपसे कह रहा हूं, 23 अप्रैल को ईवीएम पर कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) का बटन दबाइए और भाजपा की सरकार बंगाल से हर घुसपैठिये को बाहर निकाल देगी।’’

केंद्रीय गृह मंत्री ने बंगाल की राजनीति में “भाईपो संस्कृति” पर अपना हमला और तेज किया तथा ममता बनर्जी के भतीजे एवं तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का नाम लिये बिना उनपर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, ‘‘ममता जी अपने भतीजे को बंगाल का मुख्यमंत्री बनाना चाहती हैं। वे यह कहकर लोगों को गुमराह कर रही हैं कि अगर भाजपा जीतती है तो कोई बाहरी व्यक्ति मुख्यमंत्री बनेगा।’’

शाह ने कहा, ‘‘मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा, जो बंगाल में जन्मा और पला-बढ़ा होगा और बांग्ला बोलेगा। निश्चित रूप से वह ‘भाईपो’ नहीं होगा, वह भाजपा का कार्यकर्ता होगा।”

भाईपो संस्कृति” एक राजनीतिक शब्द है, जिसका इस्तेमाल खासकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में होता है। इसमें “भाईपो” का अर्थ “भतीजा” होता है।

सत्तारूढ़ तृणमूल पर अपना हमला तेज करते हुए शाह ने तृणमूल से निलंबित विधायक एवं ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के संस्थापक हुमायूं कबीर का उल्लेख किया और उनपर राज्य में बाबरी मस्जिद का मुद्दा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने ‘जय श्रीराम’ के नारों के बीच कहा, “मोदी (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) जी ने अयोध्या में राम मंदिर बनवाया। पांच सौ पचास वर्षों तक इन लोगों ने राम मंदिर बनने नहीं दिया। यह (मंदिर) वहीं बना जहां कभी बाबरी मस्जिद थी। अब ममता दीदी अपने सहयोगी हुमायूं कबीर के जरिये बंगाल में बाबरी मस्जिद बनवाना चाहती हैं।’’

शाह ने कहा, ‘‘दीदी, ध्यान से सुन लीजिए। पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है और हम किसी को भी पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने की अनुमति नहीं देंगे।’’

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने यह भी वादा किया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लाएंगे। कुछ लोग चार-चार शादी करते हैं। क्या इसे रोका जाना चाहिए या नहीं? अब कोई भी चार बार शादी नहीं कर सकेगा।’’

महिला सुरक्षा को एक और प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश करते हुए शाह ने संदेशखलि, आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज तथा दक्षिण कोलकाता के एक विधि महाविद्यालय में कथित बलात्कार जैसी घटनाओं का उल्लेख किया और तृणमूल सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बनर्जी ने 2029 से विधायिकाओं में महिला आरक्षण लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक का विरोध किया।

पश्चिम मेदिनीपुर की जनता से भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश करते हुए गृह मंत्री ने जिले के स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम मेदिनीपुर के महान सपूत और देश के सबसे युवा शहीद खुदीराम बोस को बंगाल सरकार की किताबों में आतंकवादी बताया गया है।’’ उन्होंने भीड़ से सवाल किया कि क्या ऐसी सरकार जारी रहनी चाहिए?

उन्होंने तृणमूल सरकार पर भ्रष्टाचार और इलाके में अवैध बालू खनन के आरोप भी लगाए।

शाह ने कहा, “शालबनी की नदियों से बालू की चोरी हो रही है। भाजपा की सरकार बनाइए, हम एक कंकड़ तक की चोरी नहीं होने देंगे।”

भाषा

सुरेश माधव

माधव


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