शाह ने राम मंदिर आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका को याद किया

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शाह ने राम मंदिर आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका को याद किया

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  • Publish Date - September 27, 2026 / 08:56 PM IST,
    Updated On - September 27, 2026 / 08:56 PM IST

नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राम मंदिर आंदोलन में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें ‘‘सच्चा स्वयंसेवक’’ बताया, जिन्होंने जीवनभर अथक परिश्रम किया।

सिंघल की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने अफसोस जताया कि विहिप नेता न तो मंदिर का ‘भूमि पूजन’ देख सके और न ही इसके निर्माण को पूरा होते देख पाए।

शाह ने कहा कि सिंघल ने इस कार्य को अपने जीवनकाल में पूरा कराने के उद्देश्य से काम नहीं किया था क्योंकि वह राम मंदिर आंदोलन को पीढ़ियों तक चलने वाला संघर्ष मानते थे, जिसमें विजय का क्षण आने तक असंख्य लोग योगदान देंगे।

गृह मंत्री ने कहा कि 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पांच साल के भीतर अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ और इस दौरान एक बूंद भी खून नहीं बहा। उन्होंने कहा कि मोदी के सत्ता में आने के बाद सरकार की ओर से आने वाली सभी ‘‘बाधाएं’’ दूर हो गईं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि छात्र जीवन में आरएसएस प्रचारक के रूप में काम करने से लेकर विहिप में अपनी भूमिका निभाने तक सिंघल ने हर जिम्मेदारी को तपस्या, त्याग और समर्पण के साथ निभाया।

भाषा शफीक नरेश

नरेश