शिवसेना (उबाठा) ने परभणी महापौर चुनाव में भाजपा की ‘औरंगजेब’ वाली टिप्पणी की कड़ी आलोचना की
शिवसेना (उबाठा) ने परभणी महापौर चुनाव में भाजपा की 'औरंगजेब' वाली टिप्पणी की कड़ी आलोचना की
छत्रपति संभाजीनगर, 13 फरवरी (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय जाधव ने परभणी महापौर चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘औरंगजेब’ वाली टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को हिंदुत्व पर उपदेश नहीं देना चाहिए, क्योंकि उसने दो नगर परिषदों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के साथ गठजोड़ किया था।
भाजपा ने उद्धव ठाकरे-नीत शिवसेना (उबाठा) द्वारा परभणी नगरपालिका में महापौर पद के लिए पार्टी के पार्षद सैयद इकबाल को उम्मीदवार बनाए जाने की आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि पार्टी ने ‘मराठी मानूस’ की अनदेखी की है।
इकबाल कांग्रेस के समर्थन से बृहस्पतिवार को परभणी के नये महापौर चुने गये। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार तिरुमला खिल्लारे को 13 मतों से हराया।
चुनाव के बाद महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा, “उद्धव ठाकरे परभणी में औरंगजेब के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। वे चुनाव से पहले ‘मराठी मानूस’ का नाम लेते हैं, लेकिन जब महापौर बनाने का समय आता है, तो मुस्लिम उम्मीदवार को उतारते हैं।”
परभणी के सांसद जाधव ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा ने अकोला जिले की अकोट नगर परिषद और अमरावती जिले की अचलपुर नगर परिषद के चुनाव में एआईएमआईएम और अन्य दलों के साथ गठबंधन किया था।
उन्होंने कहा, “हमने एआईएमआईएम के साथ हाथ नहीं मिलाया, जैसा भाजपा ने अकोट और अचलपुर में किया। इसलिए उसे हमें हिंदुत्व का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए। जब-जब हिंदुत्व के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत पड़ी, तब-तब बाल ठाकरे के शिवसैनिक मैदान में उतरे, जबकि वे (भाजपा) घर पर बैठे थे। यदि वे हमारे खिलाफ औरंगजेब का नाम लेते हैं, तो क्या हम उन्हें अफजल खान कहें, क्योंकि वे अकोट और अचलपुर में एआईएमआईएम के साथ गए थे?”
जाधव ने दावा किया कि एआईएमआईएम, भाजपा की ‘बी टीम’ है, जिसका वह हिंदुत्व के नाम पर इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मुस्लिम समुदाय ने शिवसेना (उबाठा) का समर्थन किया, जबकि उसने एआईएमआईएम का साथ नहीं दिया, क्योंकि उसने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को भाजपा की ‘बी टीम’ के रूप में पहचान लिया था।
जाधव ने कहा, “इसलिए हमने उन्हें (इकबाल को) महापौर पद दिया। अगली बार जब नया महापौर चुना जाएगा, तो हम हिंदू उम्मीदवार को नामित करेंगे।”
भाषा राखी सुरेश
सुरेश

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