सिद्धरमैया ने अल्पसंख्यकों के लिए शिक्षा, कल्याण और बुनियादी ढांचे से संबंधित कई पहल का ऐलान किया
सिद्धरमैया ने अल्पसंख्यकों के लिए शिक्षा, कल्याण और बुनियादी ढांचे से संबंधित कई पहल का ऐलान किया
बेंगलुरु, छह मार्च (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा, कल्याण और अवसंरचना संबंधी कई पहलों की घोषणा की। इनमें नए आवासीय विद्यालय, छात्रावास, प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं।
विधानसभा में राज्य का बजट प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यक छात्रों और समुदायों के लिए शैक्षिक अवसंरचना और सामाजिक सहायता प्रणालियों का विस्तार करेगी और उद्यमिता तथा कौशल विकास को बढ़ावा देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के लिए छात्रावास सुविधाओं में वृद्धि करेगी और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मौजूदा आवासीय संस्थानों को मजबूत करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘उच्च मांग वाले जिलों में 150 छात्रों की क्षमता वाले 10वीं बाद के 25 नए छात्रावास शुरू किए जाएंगे। मौजूदा 25 छात्रावासों में छात्रों की संख्या में 50 की वृद्धि की जाएगी।’’
सिद्धरमैया ने अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की उच्च मांग को पूरा करने के लिए ‘सीबीएसई पाठ्यक्रम’ के साथ 10 संत शिशुनाला शरीफ आवासीय विद्यालयों की स्थापना की घोषणा की। चालू वित्त वर्ष में इसके लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि 2026-27 में 25 नए संत शिशुनाला शरीफ आवासीय विद्यालय शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि 117 मौलाना आजाद मॉडल स्कूलों और उर्दू स्कूलों को 600 करोड़ रुपये की लागत से कर्नाटक पब्लिक स्कूलों के रूप में उच्चीकृत करने की प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने कहा कि चालू वर्ष में इसी मॉडल के तहत 400 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त 100 स्कूलों को उच्चीकृत किया जाएगा।
सिद्धरमैया ने बताया कि सरकार ने जैन, बौद्ध और सिख समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने बौद्ध समुदाय के धम्मचारियों को 6,000 रुपये मासिक मानदेय देने की घोषणा की।
सिद्धरमैया ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी अल्पसंख्यक छात्रों में तकनीकी और उन्नत डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 5,000 छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए 50,000 रुपये प्रति छात्र की दर से दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वक्फ संस्थानों के अंतर्गत आने वाले 31 महिला माध्यमिक विद्यालयों को महाविद्यालय में उच्चीकृत किया जाएगा। इसके अलावा, सावनूर में एक नया महिला माध्यमिक विद्यालय शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उच्च मांग वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में स्थित वक्फ संपत्तियों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
भाजपा ने अल्पसंख्यकों के लिए बजटीय प्रावधानों की कड़ी आलोचना की। भाजपा की कर्नाटक इकाई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह राज्य का दुर्भाग्य है कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार, जिसने तुष्टीकरण की राजनीति को अपना अंतिम लक्ष्य बना लिया है, ने राज्य के खजाने का एक बड़ा हिस्सा केवल अपने वोट बैंक को बचाने के लिए आवंटित कर दिया है।’’
भाषा
संतोष पवनेश
पवनेश

Facebook


