दावणगेरे (कर्नाटक), 23 मार्च (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को विश्वास जताया कि कांग्रेस राज्य की दो विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में जीत हासिल करेगी और भाजपा को पहले के उपचुनावों की तरह ही हार का सामना करना पड़ेगा।
सिद्धरमैया ने टिकट पाने में विफल रहे पार्टी नेताओं के बारे में कहा कि सभी को मना लिया जाएगा और वे पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होंगे।
बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव नौ अप्रैल को होगा। कांग्रेस के विधायक एच वाई मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद यह चुनाव कराना आवश्यक हो गया था।
सिद्धरमैया ने एक सवाल के जवाब में कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि हम दोनों सीट जीतेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भले ही दावा करे कि वे जीतेंगे, लेकिन उन्होंने कहां जीत हासिल की है? उन्होंने पिछले उपचुनाव में भी ऐसे ही दावे किए थे, क्या हमने पूर्व मुख्यमंत्रियों बसवराज बोम्मई और एच डी कुमारस्वामी के बेटों को नहीं हराया था?”
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि भाजपा चाहे जो भी दावे करे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने अपने वादे पूरे किए हैं और पांच गारंटी योजनाओं को लागू करके अपनी बात को साबित किया है।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘राज्य की जनता हमारे (कांग्रेस के) पक्ष में है। हमने पिछले उपचुनाव में इसे साबित कर दिया है। दलित, पिछड़े वर्ग के लोग, गरीब, किसान और अल्पसंख्यक, सभी हमारे साथ हैं।’’
भाजपा के कुछ नेताओं के इस दावे के बारे में पूछे जाने पर कि उपचुनाव के परिणाम राज्य में 2028 के विधानसभा चुनाव के नतीजे का संकेत देंगे, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब वे जीतेंगे ही नहीं, तो यह किस बात का संकेत है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम सत्ता में हैं, हमने पहले तीन उपचुनाव जीते हैं और मुझे विश्वास है कि हम ये उपचुनाव भी जीतेंगे।’’
कांग्रेस ने नवंबर 2024 में तीन विधानसभा सीट – संदूर, शिगगांव और चन्नापटना के उपचुनाव में शानदार जीत हासिल की थी।
सिद्धरमैया ने एक सवाल के उत्तर में दावा किया कि भाजपा को उन सभी चार राज्यों – असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हार का सामना करना पड़ेगा, जहां चुनाव होना है।
पार्टी टिकट के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कई दौर की चर्चाओं के बाद, कांग्रेस ने रविवार को उमेश मेती और समर्थ मल्लिकार्जुन को क्रमशः बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार घोषित किया।
कांग्रेस ने दोनों सीट पर दिवंगत विधायकों के परिवार के सदस्यों को टिकट दिया है। उमेश मेती एच वाई मेती के पुत्र हैं, जबकि समर्थ मल्लिकार्जुन शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उम्मीदवार चयन, विशेष रूप से दावणगेरे दक्षिण सीट पर, के बाद पार्टी के भीतर पैदा हुई असंतोष की भावना दूर कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार चयन पार्टी का सर्वसम्मत निर्णय था।
टिकट के इच्छुक सादिक पहलवान द्वारा दावणगेरे दक्षिण से बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा किए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे।’’
दावणगेरे दक्षिण सीट से मुस्लिम समुदाय की ओर से टिकट की प्रबल मांग थी, क्योंकि इस निर्वाचन क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय की अच्छी खासी संख्या है।
भाषा अमित नेत्रपाल
नेत्रपाल