सिद्ध पद्धति की औषधि ने अग्रिम मोर्चे के कर्मियों में संक्रमण रोकने में की मदद : राधाकृष्णन

सिद्ध पद्धति की औषधि ने अग्रिम मोर्चे के कर्मियों में संक्रमण रोकने में की मदद : राधाकृष्णन

सिद्ध पद्धति की औषधि ने अग्रिम मोर्चे के कर्मियों में संक्रमण रोकने में की मदद : राधाकृष्णन
Modified Date: November 29, 2022 / 07:46 pm IST
Published Date: January 7, 2021 1:59 pm IST

चेन्नई, सात जनवरी (भाषा) तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव डॉ जे राधाकृष्णन ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान सिद्ध पद्धति की औषधि ‘कबसुरा कुदीनीर’ ने राज्य में अग्रिम मोर्चे के कर्मियों में संक्रमण से मुकाबले में मदद की।

उन्होंने कहा कि सिद्ध उपचार पद्धति की कुछ और औषधियां कोविड-19 के हल्के, मध्यम और लक्षण वाले मरीजों के उपचार में सहायक रही।

राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘‘कबसुरा कुदीनीर’ वरदान की तरह है। हमने अग्रिम मोर्चे के कर्मियों में संक्रमण रोकने में इसका असर देखा है।’’

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केंद्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान (एनआईएस) के तत्वावधान में चौथे सिद्ध दिवस पर संबोधित करते हुए राधाकृष्णन ने यह टिप्पणी की। कार्यक्रम का विषय कोविड-19 के लिए सिद्ध उपचार पद्धति था।

उन्होंने कहा कि लोगों और मरीजों को भी इस औषधि से फायदा हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘ सिद्ध कोविड-19 देखभाल केंद्रों में मरीजों के इलाज के लिए ‘कबसुरा कुदीनीर’ ही नहीं सिद्ध पद्धति की कुछ और औषधियों का भी इस्तेमाल किया गया। गंभीर मामलों में ब्रह्मानंद भैरव गोलियों का इस्तेमाल किया गया और फेफड़े के संक्रमण से जूझ रहे लोगों के उपचार में यह गोलियां असरदार रही।’’

उन्होंने कहा कि सिद्ध पद्धति की औषधियों की क्षमता और मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी के प्रोत्साहन के कारण अधिकारियों ने यहां स्टेनली सरकारी चिकित्सा कॉलेज और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ संयुक्त तौर पर अनुसंधान किया।

एनआईएस ने सिंतबर में कहा कि औषधियों की मदद से प्रतिरक्षा मजबूत करने में मदद मिलती है। महामारी के दौरान सरकार और विभिन्न एजेंसियों ने ‘कबसुरा कुदीनीर’ के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया था। इसे 15 जड़ी बूटियों के मिश्रण से तैयार किया जाता है।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश


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