सिद्दीकी के आरोपपत्र में इस्तेमाल नहीं होने वाले दस्तावेजों को वापस करने के आग्रह वाली याचिका खारिज

सिद्दीकी के आरोपपत्र में इस्तेमाल नहीं होने वाले दस्तावेजों को वापस करने के आग्रह वाली याचिका खारिज

सिद्दीकी के आरोपपत्र में इस्तेमाल नहीं होने वाले दस्तावेजों को वापस करने के आग्रह वाली याचिका खारिज
Modified Date: March 28, 2026 / 12:55 am IST
Published Date: March 28, 2026 12:55 am IST

नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने अल-फलाह समूह के अध्यक्ष जावेद अहमद सिद्दीकी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने उन दस्तावेजों की मांग की थी जिनका प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अपने आरोपपत्र में इस्तेमाल नहीं किया गया था। अदालत ने कहा कि मामला अभी प्रारंभिक चरण में है और जांच अभी जारी है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान यहां आरोपी के अधिवक्ता द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई कर रही थीं। इस आवेदन के जरिए उन अतिरिक्त दस्तावेजों की सूची मांगी गई थी जिन्हें ईडी ने अपने आरोपपत्र में शामिल नहीं किया था, लेकिन फिर भी जांच के दौरान उन्हें जब्त किया गया था।

न्यायाधीश ने 27 मार्च के एक आदेश में कहा, ‘‘आरोपी की ओर से प्रस्तुत दलीलों में मुझे कोई दम नहीं दिखता और जिन दस्तावेजों पर भरोसा नहीं किया गया है उनकी सूची पूर्व-संज्ञान के चरण में नहीं दी जा सकती, खासकर यह देखते हुए कि इस मामले में जांच अब भी लंबित है और इससे चल रही जांच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।’’

ईडी ने नवंबर 2025 में सिद्दीकी को उनके अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों में नामांकित विद्यार्थियों से धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन के आरोपों में गिरफ्तार किया और उसके बाद धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की।

भाषा यासिर संतोष

संतोष


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