एसआईआर को अनुसूचित जाति, पिछले वर्ग और अल्पंसख्यकों के वोट काटने के लिए शुरू किया जा रहा : शिवकुमार
एसआईआर को अनुसूचित जाति, पिछले वर्ग और अल्पंसख्यकों के वोट काटने के लिए शुरू किया जा रहा : शिवकुमार
बेंगलुरु, 15 मई (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को अनुसूचित जाति (एससी), पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यकों के वोट ‘‘काटने’’ के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि उनके वोट ‘‘सुरक्षित’’ रहें।
शिवकुमार ने कहा कि पार्टी अपने सभी नेताओं को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बारे में जागरूक कर रही है।
शिवकुमार कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष भी हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से 36.73 करोड़ मतदाताओं को शामिल करते हुए एसआईआर के तीसरे चरण को लागू करने की घोषणा की थी। कर्नाटक भी इसमें शामिल है।
शिवकुमार ने कहा, ‘‘हमें पता है कि यह (एसआईआर) लागू किया जा रहा है। हमारे पास सारी जानकारी है। हम पार्टी के सभी नेताओं को जागरूक कर रहे हैं। सभी दल अपने-अपने वोट सुरक्षित करें – भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) भी अपने वोट सुरक्षित करें।’’
यहां संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘इसका (एसआईआर का) उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यकों के वोट काट दिए जाएं। लेकिन हम सुनिश्चित करेंगे कि वे सुरक्षित रहें। भारत में जन्म लेने वाले हर व्यक्ति को उसका अधिकार मिलना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक में 88 से 90 प्रतिशत तक मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है। फिर भी हम सभी को जागरूक करने की कोशिश करेंगे।’’
पंजाब, झारखंड, कर्नाटक और तेलंगाना उन राज्यों में शामिल हैं जहां विपक्षी दलों की सरकारें हैं और जहां एसआईआर प्रक्रिया शुरू होगी।
कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को जारी की जाएगी।
एसआईआर का विरोध करने वाले कुछ नेताओं और संगठनों ने पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से मुलाकात की थी और राज्य के मतदाताओं के मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार से तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया था।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा

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