एसआईटी ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि शबरिमला स्वर्णचोरी के आरोपियों को जमानत मिल रही है:सतीशन

एसआईटी ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि शबरिमला स्वर्णचोरी के आरोपियों को जमानत मिल रही है:सतीशन

एसआईटी ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि शबरिमला स्वर्णचोरी के आरोपियों को जमानत मिल रही है:सतीशन
Modified Date: January 24, 2026 / 05:00 pm IST
Published Date: January 24, 2026 5:00 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 24 जनवरी (भाषा) केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने शनिवार को दावा किया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जहां शबरिमला स्वर्णचोरी के आरोपी वैधानिक जमानत पाने में सक्षम हो गये, क्योंकि जांच दल ने अभी तक इस मामले में अंतरिम आरोप-पत्र दाखिल नहीं किया है।

सतीशन ने यहां पत्रकारों से कहा कि चूंकि इस मामले में गिरफ्तार आरोपी वैधानिक जमानत पर जेल से बाहर आ गए हैं, इसलिए इस बात की आशंका है कि वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं, खासकर तब, जब कथित तौर पर गबन किया गया सोना अभी तक बरामद नहीं हुआ है।

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के दबाव के कारण ही आरोपपत्र दाखिल करने में देरी हो रही है।

उन्होंने यह बयान त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बी. मुरारी बाबू के एक दिन पहले शबरिमला स्वर्ण चोरी के दोनों मामलों में वैधानिक जमानत पर जेल से रिहा होने और मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को भी एक मामले में इसी तरह की राहत मिलने के संदर्भ में दिया।

वैसे, पोट्टी अब भी जेल में है, क्योंकि उसे शबरिमला स्वर्णचोरी से जुड़े एक अन्य मामले में जमानत नहीं मिली है।

सतीशन ने दलील दी कि मुख्य आरोपी को जल्द ही दूसरे मामले में भी वैधानिक जमानत मिल जाएगी, क्योंकि आरोपपत्र दाखिल करने की 90 दिन की अनिवार्य अवधि समाप्त हो रही है।

उन्होंने तर्क दिया, ‘‘इसलिए, अंतरिम आरोपपत्र दाखिल न करना ही सभी आरोपियों के जेल से बाहर आने का कारण बनेगा। यहां तक ​​कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की नजर जिन लोगों पर है वे भी गिरफ्तार होने के बाद, इसी आधार पर जमानत पाने में कामयाब हो जायेंगे।’’

उन्होंने कहा कि उन्होंने अब तक एसआईटी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है, लेकिन अब एसआईटी की ओर से कुछ चूक हुई है, क्योंकि उसे यह समझना होगा कि निर्धारित समय के भीतर आरोपपत्र दाखिल न करने पर आरोपियों को रिहा कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘आरोपियों की रिहाई के बाद, इस बात की आशंका है कि वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं, खासकर तब जब गबन किया गया सोना अभी तक बरामद नहीं हुआ है। इसलिए, हमारी राय में, ऐसी स्थिति बनाना जहां आरोपियों को वैधानिक जमानत मिल सके, बिल्कुल सही नहीं था।’’

सतीशन ने विधानसभा में सोनिया गांधी के खिलाफ सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के मंत्रियों के बयान को ‘बेतुका’ बताया।

जब सतीशन से पूछा गया कि कथित तौर पर ‘संदिग्ध व्यक्ति’, पोट्टी ने सोनिया गांधी के साथ फोटो खिंचवा लिया, तो उन्होंने जवाब दिया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी उस व्यक्ति के साथ फोटो खिंचवा लिया है।

जब सतीशन से पूछा गया कि कथित रूप से “संदिग्ध चरित्र” वाला व्यक्ति- पोट्टी – सोनिया गांधी के साथ तस्वीरें कैसे खिंचवा सका, तो नेता प्रतिपक्ष ने जवाब दिया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की भी तस्वीर उस व्यक्ति के साथ है।

शबरिमला स्वर्णचोरी का मामला मंदिर में द्वारपालक (अभिभावक देवता) की मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजे के फ्रेम से सोने की कथित हेराफेरी से संबंधित है।

इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अब तक पोट्टी और टीडीबी के दो पूर्व अध्यक्षों समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश


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