राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की जांच कर रही एसआईटी ने अनिल मिश्रा से पूछताछ की

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राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की जांच कर रही एसआईटी ने अनिल मिश्रा से पूछताछ की

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  • Publish Date - June 18, 2026 / 08:59 PM IST,
    Updated On - June 18, 2026 / 08:59 PM IST

अयोध्या, 18 जून (भाषा) राम मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित गबन की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बृहस्पतिवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा से दान राशि की गिनती और इस प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति के सिलसिले में पूछताछ की।

सूत्रों ने बताया कि तीन सदस्यीय एसआईटी बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे राम मंदिर परिसर पहुंची और लगातार चौथे दिन अपनी जांच जारी रखी।

सूत्रों के मुताबिक, मिश्रा से मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे की गिनती की प्रणाली और इस कवायद से जुड़े व्यक्तियों की भर्ती के संबंध में पूछताछ की गई।

उत्तर प्रदेश सरकार ने दान के गबन और वित्तीय कुप्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया। इसमें लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में वित्तीय गड़बड़ी का मामला सात जून को सामने आया, जब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खबरों का हवाला देते हुए दावा किया कि राम मंदिर को चढ़ावे और चंदा के रूप में मिले करोड़ों रुपये गायब हैं।

अखिलेश ने अदालत से इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया था।

एसआईटी जांच जारी रहने के बीच अखिलेश ने बृहस्पतिवार को इस मुद्दे पर भाजपा पर हमला तेज करते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि अयोध्या गलत चीजें करने वालों के लिए कुरुक्षेत्र साबित होगा।

उन्होंने कहा कि चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर पैदा हुए विवाद से मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या प्रभावित हुई है।

अखिलेश ने भाजपा पर जांच की प्रगति पर स्पष्टता उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि एसआईटी जांच को लेकर दैनिक आधार पर जानकारी प्रदान की जाए, क्योंकि भाजपा सरकार में व्यापक भ्रष्टाचार से जांच एजेंसी में लोगों का विश्वास घटा है।

भाषा

सं राजेंद्र पारुल

पारुल